
Hazaribagh: हजारीबाग जिले के कटकमसांडी रेलवे स्टेशन के समीप संचालित हो रहे कोयला साइडिंग से प्रभावित और विस्थापित परिवारों की गंभीर समस्याओं को लेकर एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने खुद पहुंचकर प्रभावित ग्रामीणों और परिवारों से सीधा संवाद किया। विधायक ने स्थानीय लोगों की एक-एक समस्या को ध्यान से सुना और उनके समाधान पर चर्चा की।

प्रदूषण और नियमों की अनदेखी पर जताई नाराजगी
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने कोयला साइडिंग के संचालन से पैदा हो रही तमाम समस्याओं को विधायक के सामने रखा। लोगों ने बताया कि साइडिंग से उड़ने वाली धूल और बढ़ते प्रदूषण की वजह से उनका जीना दुश्वार हो गया है। इसके अलावा आवागमन में हो रही भारी परेशानी, विस्थापन का दर्द और प्रभावित परिवारों के मूलभूत अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी जोर-शोर से उठाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि साइडिंग संचालन में निर्धारित नियमों और जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।

नियमों के तहत संचालन पर विधायक का जोर
ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि क्षेत्र का विकास होना बहुत जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर प्रभावित परिवारों के हितों और उनकी बुनियादी समस्याओं की अनदेखी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय मानकों, सुरक्षा प्रावधानों और तय नियमों का हर हाल में पालन सुनिश्चित होना चाहिए। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगों को संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
मांगें न मानने पर आंदोलन की चेतावनी
दूसरी ओर, प्रभावित और विस्थापित परिवारों ने जनसंवाद के माध्यम से साफ-साफ चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर समय रहते कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर वे कोयला साइडिंग का संचालन पूरी तरह से बंद कराने के लिए भी आगे बढ़ेंगे।


