
सुपौल: राघोपुर थाना क्षेत्र के राघोपुर पंचायत के वार्ड संख्या-02 में रास्ते की समस्या को लेकर करीब 40 से 45 परिवार वर्षों से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया है। रास्ता बंद होने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज और रोजमर्रा के आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

50-60 साल पुराने रास्ते के बंद होने का आरोप
पीड़ित सत्य नारायण पासवान सहित अन्य ग्रामीणों के मुताबिक, उक्त रास्ते का इस्तेमाल करीब 50 से 60 वर्षों से लगातार किया जा रहा था। इस मार्ग से लगभग 40-45 परिवारों का आवागमन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते को लेकर वे कई वर्षों से अलग-अलग प्रशासनिक कार्यालयों में शिकायत करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

स्कूल जाने से लेकर अस्पताल पहुंचने तक परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, रास्ता बंद होने से बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है। वहीं, किसी के बीमार पड़ने या आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। कई बार मरीजों को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
जिलाधिकारी से लगाई रास्ता चालू कराने की गुहार
समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर मामले की जांच कराने और वर्षों से बंद रास्ते को दोबारा चालू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता उनके लिए महज आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की बुनियादी जरूरतों से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान कराने और प्रभावित परिवारों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
(कुंदन कुमार की रिपोर्ट)


