
NSUI Protest: राजधानी दिल्ली में सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन यानी NSUI के कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बीच अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। रायसीना रोड स्थित NSUI मुख्यालय में कार्यकर्ता सफेद चादर ओढ़कर जमीन पर लेट गए और खुद को सांकेतिक रूप से ‘शव’ के तौर पर पेश किया।

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान संगठन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की।

हालांकि ‘वोट चोरी’ से जुड़े दावे NSUI और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोप हैं। इन्हें इस खबर में प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
सफेद चादर ओढ़ जमीन पर लेटे कार्यकर्ता
प्रदर्शन का तरीका लोगों का ध्यान खींचने वाला रहा। कई कार्यकर्ता जमीन पर लेट गए और अपने शरीर को सफेद चादर से ढक लिया।
NSUI ने इस सांकेतिक प्रदर्शन के जरिए चुनावी प्रक्रिया की शुचिता को लेकर अपनी चिंता जताई।
कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां भी थीं, जिन पर ‘वोट की चोरी नहीं चलेगी, जनता की आवाज नहीं दबेगी’ जैसे नारे लिखे हुए थे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लिया।
संगठन ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘वोट चोरी’ को लेकर उठाए जा रहे सवालों और चिंताओं का समाधान करने में नाकाम रहा है।
इसी को लेकर संगठन मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तत्काल इस्तीफे के साथ उनकी गिरफ्तारी की मांग भी कर रहा है।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल
NSUI का कहना है कि उसका प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लेकर है।
संगठन ने सांकेतिक प्रदर्शन के जरिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कथित ‘पतन’ को दिखाने का दावा किया और चुनावी व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।
दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार विरोध देखने को मिल रहा है।
पिछले तीन दिनों के दौरान जंतर-मंतर के आसपास हुए विरोध प्रदर्शनों में कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है।
NSUI ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखेगा। फिलहाल संगठन की प्रमुख मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर कार्रवाई है।


