
Jharkhand Sand Mining: झारखंड में गैरकानूनी तरीके से बालू के अवैध कारोबार और काले धन को सफेद करने में लगे सिंडिकेट पर अदालती शिकंजा और कड़ा होता जा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही पीएमएलए (PMLA) की विशेष अदालत में इस केस के दो मुख्य आरोपियों बिंदेश्वर कुमार दांगी और मनोज कुमार अग्रवाल की डिस्चार्ज अर्जी पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने आरोपियों के वकीलों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों को अपनी पूरी तैयारी और बहस के लिए 15 दिनों का वक्त दिया है।

अक्टूबर में होगी अंतिम बहस, कोर्ट ने तय की तारीखें
अदालत ने साफ किया कि अब इस मामले में और ज्यादा देर नहीं की जाएगी। कोर्ट ने बिंदेश्वर कुमार दांगी की अर्जी पर सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर और मनोज कुमार अग्रवाल के मामले के लिए 13 अक्टूबर का दिन तय किया है। विशेष अदालत ने दोनों पक्षों को साफ निर्देश दिया है कि तय की गई तारीख पर हर हाल में अपनी बहस पूरी कर लें ताकि मामले में आगे का फैसला लिया जा सके।

केस से नाम हटाने की मांग कर रहे हैं दोनों आरोपी
दोनों आरोपियों ने बीते 28 जुलाई को अदालत में औपचारिक याचिका दाखिल कर खुद को इस पूरे मामले से बरी करने की मांग की थी। उनकी दलील थी कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं हैं और उन्हें केस से डिस्चार्ज कर दिया जाना चाहिए। हालांकि जांच एजेंसी ईडी इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।
अब तक 7 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है ईडी
झारखंड के विभिन्न जिलों में अवैध बालू खनन और उससे होने वाली काली कमाई की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी ईडी ने अब तक इस मामले में अंकित राज समेत कुल सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी का मानना है कि बालू के अवैध खनन और सिंडिकेट के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई है, जिसके चलते आने वाले दिनों में आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।


