
Giridih News: गिरिडीह जिले में वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर का काम पूरे जोर-शोर से चल रहा है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक गिरिडीह विधानसभा इलाके में सदर एसडीएम धीरेंद्र प्रसाद की देखरेख में बीएलओ घर-घर जाकर वोटरों की जानकारी जुटा रहे हैं। प्रशासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि किसी भी असली वोटर का नाम न छूटे और लिस्ट में मौजूद गलतियों को समय रहते ठीक कर लिया जाए।

30 अगस्त से शुरू हुआ काम, 17 अक्टूबर तक का डेडलाइन
सदर एसडीएम धीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस बार का एसआईआर साल 2003 के रिकॉर्ड्स को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू हुई थी और इसे 17 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तय समय सीमा में काम पूरा करने के लिए बीएलओ लगातार फील्ड में रहकर ग्राउंड लेवल पर कागजातों की जांच कर रहे हैं।

शहर से पीरटांड़ तक 70 हजार वोटरों को नोटिस
जांच के दौरान सामने आई गड़बड़ियों को देखते हुए गिरिडीह शहर से लेकर पीरटांड़ तक के कुल 70 हजार वोटरों को नोटिस भेजा गया है। इनमें 11 हजार ऐसे वोटर शामिल हैं जिनका अनमैपिंग का मामला है। इन वोटरों के नाम या पते में गड़बड़ी पाई गई है, जिसके चलते उन्हें अपने सही दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है।
पूर्व मंत्रियों के परिजनों के नाम भी शामिल
इसके अलावा करीब 15 अलग-अलग तरह की तकनीकी खामियों के चलते 59 हजार अन्य मतदाताओं को भी नोटिस जारी किया गया है। इन नोटिस पाने वालों में गिरिडीह के दिवंगत विधायक व पूर्व मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा और राज्य के पूर्व मंत्री चंद्रमोहन प्रसाद की पत्नी का नाम भी शामिल है। दस्तावेजों में नाम की गलतियों के चलते उन्हें भी यह नोटिस भेजा गया है ताकि समय रहते सुधार कराया जा सके।


