
Giridih: एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को गिरिडीह में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाकपा माले के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और जमकर विरोध जताया। पूरे प्रदर्शन के दौरान सिर्फ कांग्रेस और माले के ही झंडे दिखाई दिए, जबकि सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस पूरे प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी। विरोध मार्च में जेएमएम का एक भी कार्यकर्ता या झंडा नजर नहीं आया।

दिग्गज नेताओं की अगुवाई में टावर चौक से गांधी चौक तक मार्च
इस विरोध प्रदर्शन की कमान पूर्व विधायक विनोद सिंह, राजकुमार यादव, कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष सतीश केडिया, माले नेता राजेश सिन्हा, बंटी हसन, महमूद अली खान लड्डू, नरेश वर्मा, राजेश तुरी और धनंजय सिंह जैसे प्रमुख नेताओं ने संभाली। झंडा मैदान से शुरू हुआ यह जुलूस शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए पहले आंबेडकर चौक पहुंचा, जहां नेताओं ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी टावर चौक होते हुए गांधी चौक पहुंचे। पूरे रास्ते बीजेपी, केंद्र सरकार, पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी होती रही।

पूर्व विधायक विनोद सिंह का हमला: ज्ञानेश कुमार को देना होगा इस्तीफा
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विनोद सिंह ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि फॉर्म 6 के मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार को हर हाल में अपना पद छोड़ना होगा और इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म 6 में जानबूझकर बदलाव किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए विनोद सिंह ने कहा कि अदालत के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने भी स्पष्ट शब्दों में माना है कि किसी भी नागरिक से उसका मतदान का अधिकार छीनना कतई उचित नहीं है।
कांग्रेस का आरोप: पूरे देश में फैल चुका है ‘वोट चोरी’ का मुद्दा
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह ने भी ज्ञानेश कुमार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज ‘वोट चोरी’ का मुद्दा किसी एक जिले का नहीं, बल्कि पूरे देश का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने भी फॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जवाब मांगा है। उन्होंने साफ किया कि जब तक निष्पक्षता बहाल नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।


