
Giridih: SIR प्रक्रिया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को गिरिडीह में भाकपा माले और कांग्रेस के नेताओं ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ बुलंद कर रहे थे। लेकिन इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के दौरान जनमुद्दों से ज्यादा चर्चा कांग्रेस नेताओं की आपसी गुटबाजी और खींचतान की रही।

झंडा मैदान में अध्यक्ष से उलझे नेता
प्रदर्शन की शुरुआत झंडा मैदान से हुई, जहाँ सबसे पहले विवाद देखने को मिला। यहाँ कांग्रेस नेता नदीम अख्तर किसी बात को लेकर अपनी ही पार्टी के जिला अध्यक्ष सतीश केडिया से उलझ पड़े। मामला बिगड़ता देख और माहौल को शांत करने के लिए जिला अध्यक्ष सतीश केडिया ने समझदारी दिखाई और नदीम अख्तर को जुलूस में सबसे आगे खड़ा कर दिया, जिसके बाद मामला कुछ देर के लिए शांत हुआ।

टावर चौक पर फिर मची खींचतान
झंडा मैदान में स्थिति सामान्य होने के बाद जैसे ही जुलूस आगे बढ़ा और टावर चौक पहुँचा, वहाँ एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया। आगे रहने की होड़ में नदीम अख्तर इस बार दूसरे कांग्रेस नेता समीर राज चौधरी से भिड़ गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस होने लगी और वे आपस में उलझ पड़े।
कैमरा ऑन देखते ही शांत हुए नेता
जैसे ही दोनों नेताओं को अहसास हुआ कि मीडियाकर्मी का कैमरा ऑन है और पूरी घटना रिकॉर्ड हो रही है, वे तुरंत शांत हो गए। इसके बाद अन्य कार्यकर्ताओं ने दोनों को समझा-बुझाकर अलग किया और स्थिति को संभाला। प्रदर्शन के दौरान बार-बार आगे रहने को लेकर जिस तरह से कांग्रेसी नेता आपस में लड़ रहे थे, उससे पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर सार्वजनिक हो गई।


