
Palamu : पलामू जिले स्थित नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) में परीक्षा संबंधी कार्यों के निष्पादन, टेंडर प्रक्रियाओं और बिल भुगतानों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वित्तीय अनियमितताओं और ऑडिट परीक्षण के दौरान उठी गंभीर आपत्तियों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक से बिंदुवार लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है।

एग्रीमेंट विस्तार और भुगतान प्रक्रिया पर मांगा स्पष्टीकरण
कुलसचिव (रजिस्ट्रार) की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में एजेंसी ‘एनसीसीएफ’ (NCCF) द्वारा पूर्व में किए गए कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। अभिलेखों के अनुसार, 25 जनवरी 2025 और 21 फरवरी 2025 को एनसीसीएफ के परीक्षा संबंधी कार्यों को संतोषजनक मानते हुए एग्रीमेंट विस्तार की अनुशंसा की गई थी और नियमानुसार भुगतान किया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूछा है कि अगर उस समय कार्य संतोषजनक पाए गए थे, तो बाद में उन्हीं कार्यों के निष्पादन अथवा भुगतान पर आपत्ति जताने का क्या आधार था।

कंप्यूटर सेंटर के संचालन और सॉफ्टवेयर पर मांगा ब्योरा
एक अन्य पत्र के जरिए विश्वविद्यालय ने परीक्षा विभाग से जुड़े कंप्यूटर सेंटर के संचालन, डेटा प्रबंधन और सॉफ्टवेयर संचालन को लेकर भी तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक से जवाब मांगा है। पत्र में कहा गया है कि परीक्षा विभाग में लंबे समय से कंप्यूटर सेंटर प्रभारी के रूप में कार्यरत अधिकारी ही परीक्षा डेटा और सॉफ्टवेयर संचालन देखते रहे हैं। ऐसे में एनसीसीएफ को टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्य सौंपे जाने और वोकेशनल कोर्स की परीक्षाओं के लिए अलग सॉफ्टवेयर प्रदाता के चयन की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।
डेटा सुरक्षा और बैकअप फाइलें जमा करने का निर्देश
कुलसचिव ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि एनसीसीएफ को वर्क ऑर्डर किस आधार पर और किस सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से दिया गया था। साथ ही यह भी पूछा गया कि यदि कार्य निर्धारित निविदा की शर्तों से अलग था, तो इसकी अनुमति किसने दी थी। इसके अलावा एनसीसीएफ द्वारा उपलब्ध कराए गए परीक्षा डेटा को सर्वर पर सुरक्षित रखने, बैकअप लेने, डेटा ट्रांसफर और इसके दीर्घकालिक संरक्षण के लिए उठाए गए प्रशासनिक व तकनीकी कदमों का पूरा ब्योरा और अभिलेख जमा करने का निर्देश दिया गया है।


