
Ranchi: राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रदेश कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने के बहुचर्चित मामले में NIA की विशेष अदालत ने आरोपी नवाज आलम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत बहस और दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। एनआईए के विशेष न्यायाधीश की अदालत अब इस जमानत याचिका पर आगामी 14 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगी।

9 सितंबर को दाखिल की गई थी जमानत याचिका
मामले के मुख्य आरोपियों सैफ अंसारी, सोयम सुजान और मो. अमन के अलावा नवाज आलम पर भी घटना में सहयोग करने का गंभीर आरोप लगा था। NIA ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी नवाज आलम ने NIA की विशेष अदालत में 9 सितंबर को जमानत के लिए आवेदन किया था, जिस पर पहली सुनवाई 10 सितंबर को हुई थी। इसके बाद अदालत में मामले की लगातार सुनवाई चलती रही और 6 अक्तूबर को सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली तिथि तय की थी।

जून 2026 में हुआ था निवारणपुर RSS दफ्तर पर हमला
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जून 2026 में रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस के राज्य कार्यालय पर अज्ञात अपराधियों द्वारा पेट्रोल बम फेंका गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज किया गया था, जिसे एनआईए के रिकॉर्ड में RC-01/2026/NIA/RNC के रूप में पंजीकृत किया गया है। जांच के दौरान एनआईए ने सबसे पहले मुख्य आरोपी सैफ अंसारी, मो. अमन और सोयम सुजान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
तीनों मुख्य आरोपियों की निशानदेही पर हुई थी नवाज की गिरफ्तारी
वर्तमान में तीनों मुख्य आरोपी जेल में बंद हैं। जांच एजेंसी एनआईए द्वारा की गई पूछताछ में तीनों मुख्य आरोपियों की निशानदेही और बयानों के आधार पर ही एनआईए ने नवाज आलम को गिरफ्तार किया था। NIA का आरोप है कि उसने हमले की साजिश और निष्पादन में आरोपियों का सहयोग किया था। अब 14 अक्टूबर को यह साफ होगा कि अदालत उसे जमानत देती है या उसकी याचिका खारिज होती है।


