
हजारीबाग: सोचिए, शहर के बीचोंबीच आपकी जमीन हो, लेकिन उसकी मालगुजारी रसीद न कटे, जमीन की रजिस्ट्री में परेशानी आए और मकान बनाने के लिए नक्शा भी पास न हो। हजारीबाग शहर के थाना नंबर 140 इलाके में रहने वाले लोगों की कुछ ऐसी ही परेशानी सामने आई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्ष 2014-15 के बाद से इस क्षेत्र में जमीन से जुड़े कई जरूरी काम अटके हुए हैं। अब नगर निगम की ओर से सर्वे शुरू किए जाने की जानकारी के बाद लोगों में समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन के दस्तावेजों से जुड़ी परेशानी के कारण वे वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मामला विधानसभा तक पहुंच चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

2014-15 के बाद से नहीं कट रही जमीन की रसीद!
थाना नंबर 140 हजारीबाग शहर का प्रमुख इलाका है। यहां के निवासियों के मुताबिक वर्ष 2014-15 के बाद से जमीन की मालगुजारी रसीद और भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र यानी LPC जारी कराने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इसका असर जमीन की खरीद-बिक्री और मकानों के निर्माण से जुड़े कामों पर भी पड़ रहा है। रजिस्ट्री और नक्शा पास कराने में दिक्कतों के कारण जमीन मालिक परेशान हैं। लोगों का यह भी कहना है कि जमीन से जुड़े काम प्रभावित होने के कारण सरकार को मिलने वाले राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।

पहले नगर पालिका से होते थे काम, फिर क्यों बढ़ी परेशानी?
समाजसेवी और आरटीआई विशेषज्ञ मनोज गुप्ता तथा लोजपा के प्रदेश महासचिव सह समाजसेवी राम किशोर सावंत ने इस मामले में व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि पहले थाना नंबर 140 क्षेत्र की जमीन से जुड़े कार्य नगर पालिका के स्तर पर होते थे। बाद में व्यवस्था में बदलाव के बाद लोगों की परेशानियां बढ़ने लगीं।
दोनों ने जमीन से जुड़ी स्थिति स्पष्ट करने और लंबे समय से अटके कार्यों को दोबारा शुरू कराने की मांग की है।
‘जमीन है, लेकिन उससे जुड़ा काम नहीं हो रहा’
थाना नंबर 140 के निवासी और हजारीबाग कॉमर्स चैंबर के संस्थापक राजेंद्र लाल ने भी इस समस्या को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि जमीन से जुड़े जरूरी काम नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द स्थिति स्पष्ट कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
विधानसभा तक पहुंच चुका है मामला
हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के मुताबिक थाना नंबर 140 की जमीन से जुड़ी समस्या को वह कई बार विधानसभा में उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सरकार से इस मामले का समाधान निकालने की मांग की गई है, ताकि स्थानीय लोगों को जमीन से जुड़े कामों के लिए और परेशान न होना पड़े।
अब शुरू हुआ सर्वे, तीन से चार महीने में पूरा होने की उम्मीद
इस मामले में हजारीबाग नगर निगम के महापौर अरविंद राणा ने जानकारी दी है कि थाना नंबर 140 क्षेत्र में सर्वे का काम शुरू किया गया है। उनके मुताबिक सर्वे के माध्यम से जमीन की स्थिति और उसके वर्तमान धारकों से संबंधित जानकारी स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। महापौर ने उम्मीद जताई है कि करीब तीन से चार महीने में सर्वे का काम पूरा हो सकता है।
क्या सर्वे के बाद खत्म होगी वर्षों पुरानी परेशानी?
फिलहाल थाना नंबर 140 में रहने वाले लोगों की उम्मीदें सर्वे पर टिकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि सर्वे पूरा होने के बाद जमीन की स्थिति स्पष्ट होगी और मालगुजारी रसीद, LPC, रजिस्ट्री तथा नक्शा पास कराने से जुड़ी परेशानियों का समाधान निकल सकेगा।
हालांकि, सर्वे पूरा होने के बाद ये सभी सेवाएं कब और किस प्रक्रिया के तहत सामान्य होंगी, इसकी स्पष्ट समयसीमा अभी सामने नहीं आई है।


