
Chatra: चतरा जिले को नक्सल मुक्त बनाने की लड़ाई में अपनी जान न्योछावर करने वाले तत्कालीन एसडीपीओ (DSP) शहीद विनय भारती को उनके शहादत दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। चतरा के उपायुक्त रवि कुमार और पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेष नैथानी समेत कई पुलिस अफसरों और जवानों ने उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उनके सबसे बड़े बलिदान को याद किया और नमन किया।

8 अक्टूबर 2005 को हुई थी भीषण मुठभेड़
शहीद विनय भारती की शहादत की कहानी बेहद हिम्मत और बहादुरी से भरी है। 8 अक्टूबर 2005 को चतरा जिले के कुंदा थाना इलाके में स्थित बनियाडीह की दीरीदाग पहाड़ी पर पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। प्रतिबंधित नक्सली संगठन के दर्जनों हथियारबंद नक्सलियों ने पुलिस टीम पर अचानक हमला बोल दिया था। इस अचानक हुए हमले के बावजूद डीएसपी विनय भारती घबराए नहीं और अपनी टीम के साथ डटकर मुकाबला किया। नक्सलियों से आमने-सामने की लड़ाई में उन्होंने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।

DSP के बलिदान से नक्सल मुक्त हुआ चतरा
श्रद्धांजलि सभा के दौरान डीसी रवि कुमार ने कहा कि शहीद विनय भारती का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं गया। यह उनके अदम्य साहस और शहादत का ही नतीजा है कि आज चतरा जिला पूरी तरह से नक्सल मुक्त बन चुका है और लोग शांति से रह रहे हैं। एसपी अनिमेष नैथानी ने कहा कि उनकी याद में बनाई गई प्रतिमा, पार्क और हर साल होने वाला फुटबॉल टूर्नामेंट स्थानीय युवाओं को हमेशा देश की सेवा करने और सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
परिजनों को मिला था मुख्यमंत्री सम्मान
वीर शहीद के सम्मान में उनके परिवार को ‘मुख्यमंत्री सम्मान’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। आज भी चतरा की जनता और पुलिस प्रशासन अपने इस बहादुर सपूत की शहादत को गर्व से याद करता है और नमन करता है।


