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पटना में SIR के खिलाफ महागठबंधन का राजभवन मार्च, बैरिकेडिंग पर चढ़े तेजस्वी, कई नेता हिरासत में

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पटना: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गुरुवार को पटना में महागठबंधन ने आक्रोश मार्च निकाला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकले मार्च में VIP प्रमुख मुकेश सहनी, RJD सांसद मीसा भारती, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम समेत महागठबंधन के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

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विधानसभा गोलंबर से राजभवन की ओर बढ़ा मार्च

तेजस्वी यादव करीब साढ़े 10 बजे प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके बाद महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता राजभवन की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल के साथ पांच लेयर की बैरिकेडिंग की गई थी।

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मार्च के दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। इसके बाद तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और मीसा भारती समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

पुलिस कार्रवाई के बाद महागठबंधन के नेताओं को राजभवन ले जाया गया, जहां उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की। नेताओं ने SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां और मांगें रखीं। बाद में महागठबंधन की ओर से ज्ञापन सौंपे जाने की जानकारी सामने आई।

मुकेश सहनी ने सरकार पर साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाने वाले लोगों को रोका जा रहा है। सहनी ने अपने संबोधन में सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए और कहा कि वे जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

‘गोली और जेल से डरने वाले नहीं’

राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने प्रदर्शन को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोप दोहराए और कहा कि महागठबंधन अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।

तेजस्वी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहा था। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि महागठबंधन के नेता गोली और जेल से डरने वाले नहीं हैं।

पोस्टर, तिरंगा और हथकड़ी के साथ पहुंचे कार्यकर्ता

प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर और तिरंगा लेकर पहुंचे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम समेत कुछ नेताओं ने हाथों में हथकड़ी पहनकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शन के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य कराया गया।

महागठबंधन का यह मार्च उसके दो दिवसीय आंदोलन का दूसरा चरण था। इससे पहले 7 अक्टूबर को बिहार के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च और पुतला दहन किया गया था।

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