
बिहार में वोटर लिस्ट से छूटे पात्र नागरिकों और 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवाओं के लिए राहत की खबर है। चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्य में एक महीने का विशेष मतदाता अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से गुरुवार को इसकी जानकारी दी गई।

अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और उसे मतदान का अधिकार मिल सके।

BLO घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन
विशेष अभियान के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं मिलता है तो उसका फॉर्म-6 भरवाकर नाम मतदाता सूची में शामिल कराया जाएगा।
अभियान के तहत बूथ स्तर पर तैयार की जाने वाली सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ भी साझा किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
मजदूरों और बेघर लोगों के लिए भी विशेष कैंप
मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा दूर-दराज के इलाकों, मजदूर कॉलोनियों, रैन बसेरों और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए भी अलग से कैंप आयोजित किए जाएंगे।
राज्य और जिला स्तर के वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारी अभियान की निगरानी करेंगे। अभियान पूरा होने के बाद तैयार अंतिम सूची राजनीतिक दलों के साथ भी साझा की जाएगी।
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का अभियान
बिहार में यह अभियान ऐसे समय शुरू होने जा रहा है, जब मतदाता सूची के SIR (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दल लगातार इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और पटना में प्रदर्शन भी हुए हैं।
इस बीच निर्वाचन विभाग की ओर से नए और छूटे हुए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर भी जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत ऐसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी, जो किसी कारण से अब तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके हैं।


