
Giridih: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रूपी सोरेन के इस दुनिया से जाने की खबर बेहद दुखद और मन को पीड़ा पहुंचाने वाली है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि भगवान इस बेहद कठिन समय में शोकाकुल सोरेन परिवार को इस भारी दुख को सहने की शक्ति दे।

सोरेन परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गिरिडीह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सोरेन परिवार पर हाल के दिनों में लगातार दो बड़े दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने कहा कि पहले दिशोम गुरु शिबू सोरेन का स्वर्गवास और अब रूपी सोरेन का इस तरह निधन हो जाना, पूरे परिवार और समाज के लिए बहुत ही दुखद और कभी न पूरी होने वाली क्षति है। इस कठिन और मुश्किल घड़ी में हमारी पूरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।

1999 के लोकसभा चुनाव की यादें कीं साझा
अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हालांकि उनके साथ निजी तौर पर मुलाकात की कोई विशेष या लंबी स्मृति याद नहीं है, क्योंकि अक्सर पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों में दिवंगत शिबू सोरेन, दिवंगत दुर्गा सोरेन और मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही बातचीत होती रही है। लेकिन उन्होंने याद करते हुए बताया कि साल 1999 के लोकसभा चुनाव में स्वर्गीय रूपी सोरेन ने उनके खिलाफ ही चुनाव लड़ा था।
पूरे झारखंड में शोक का माहौल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने अभिभावकों को खोना सबसे बड़ा दुख होता है। सोरेन परिवार ने बहुत कम समय में अपने दो बड़े स्तंभों को खो दिया है। आज पूरा झारखंड इस दुख की घड़ी में सोरेन परिवार के साथ खड़ा है और हर कोई ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान मिले।


