
JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षा में हुए बहुचर्चित धांधली मामले में जेल की सलाखों के पीछे बंद आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में एल ख्यांग्ते की ओर से दाखिल बेल पिटीशन पर सुनवाई की गई। हालांकि, इस दौरान उन्हें कोर्ट से तत्काल कोई राहत नहीं मिल सकी।

वकील की मांग पर 3 हफ्ते बाद की तारीख तय
सुनवाई के दौरान एल ख्यांग्ते के वकील की ओर से कोर्ट के सामने पक्ष रखते हुए बहस की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की गई। अदालत ने उनके वकील की इस मांग को स्वीकार करते हुए जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए अब से तीन सप्ताह बाद की तारीख निर्धारित कर दी है। इसके चलते एल ख्यांग्ते को फिलहाल अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।

10 अगस्त को सीआईडी ने किया था गिरफ्तार
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एल ख्यांग्ते पिछले करीब दो महीने से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। सीआईडी (CID) की विशेष टीम ने JPSC भर्ती धांधली मामले में लगातार तीन दिनों तक कड़ी पूछताछ करने के बाद 10 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। एल ख्यांग्ते जिस चर्चित मामले में गिरफ्तार किए गए हैं, वह सीआईडी का कांड संख्या 16/2026 दर्ज है।
निचली अदालत से भी खारिज हो चुकी है जमानत
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले एल ख्यांग्ते ने रांची सिविल कोर्ट स्थित सीआईडी की विशेष अदालत से भी नियमित जमानत मांगी थी। लेकिन उस दौरान सीआईडी की ओर से कोर्ट में पेश किए गए मजबूत सबूतों, ठोस दस्तावेजों और केस की अत्यधिक गंभीरता को देखते हुए सिविल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को साफ तौर पर खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने रिहाई के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी, जहां अब तीन हफ्ते बाद दोबारा सुनवाई होगी।


