
Ramgarh: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार सुबह रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर दिवंगत माता रूपी सोरेन की स्मृति में पारंपरिक रस्म निभाई। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार भोजन परोसने की रस्म पूरी की।

मां के निधन के बाद पारिवारिक परंपराओं का किया पालन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन का गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम संस्कार किया गया था। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपनी मां को मुखाग्नि दी थी।

अंतिम संस्कार के अगले दिन शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों के साथ दिवंगत माता की स्मृति से जुड़े पारंपरिक संस्कारों को निभाया।
नेमरा के पैतृक आवास पर निभाई गई रस्म
नेमरा स्थित पैतृक आवास पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुरूप भोजन परोसने की पारंपरिक रस्म अदा की। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पारिवारिक परंपराओं का पालन करते हुए अपनी दिवंगत मां से जुड़े संस्कार पूरे किए।
गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हुई थीं रूपी सोरेन
इससे पहले गुरुवार को रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित श्मशान घाट पर रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था।
अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, राजनीतिक नेता, समर्थक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी थी। अब परिवार की ओर से स्थानीय परंपराओं के अनुसार दिवंगत रूपी सोरेन की स्मृति में अन्य पारंपरिक संस्कार निभाए जा रहे हैं।


