
Hazaribagh: हजारीबाग शहर में आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर तैयारियां काफी जोर-शोर से चल रही हैं। इस वर्ष शहर की प्रमुख और ऐतिहासिक हुरहुरु दुर्गा पूजा समिति की ओर से तमिलनाडु के मदुरै शहर में स्थित सुप्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की बेहद भव्य और आकर्षक प्रतिकृति (मॉडल) तैयार की जा रही है। अद्भुत स्थापत्य कला, बारीक नक्काशी और शानदार लाइट-डेकोरेशन से सुसज्जित यह विशाल मंदिरनुमा पंडाल इस बार पूरे जिले के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।

1965 से जारी है भव्य पूजा की परंपरा
हुरहुरु दुर्गा पूजा समिति का इतिहास काफी समृद्ध रहा है और यहां वर्ष 1965 से लगातार भव्य तरीके से मां दुर्गा की पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष मीनाक्षी मंदिर का रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से आए अनुभवी और कुशल कारीगर पिछले एक महीने से दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पंडाल के भीतर स्थापित की जाने वाली मां दुर्गा की दिव्य और भव्य प्रतिमा का निर्माण हजारीबाग के ही स्थानीय मूर्तिकारों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से किया जा रहा है।

85 फीट ऊंचा और 60 फीट चौड़ा होगा पंडाल
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भव्य पंडाल की कुल लंबाई 85 फीट और चौड़ाई 60 फीट होगी। विशाल संरचना के कारण दूर से ही यह भव्य मंदिरनुमा पंडाल लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूजा के दिनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों और महिलाओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दुर्गा पूजा को यादगार बनाने में जुटी समिति
भव्य मीनाक्षी मंदिर की प्रतिकृति और स्थानीय कला से सजी मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा के माध्यम से समिति इस वर्ष की दुर्गा पूजा को पूरे शहरवासियों के लिए यादगार बनाने की तैयारियों में जुटी है। श्रद्धालुओं के लिए अलग कतारें, साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजामों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे भक्ति और उल्लास का माहौल पूरे क्षेत्र में बना रहे।


