
सहरसा: बिहार राज्य वन श्रमिक संघ ने शुक्रवार को सहरसा स्थित डीएफओ (वन प्रमंडल पदाधिकारी) कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान वन श्रमिकों की बकाया मजदूरी, मेडिकल कार्ड, पीएफ कटौती और कामकाज से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाई गई। संघ के सदस्यों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की। साथ ही, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

बकाया मजदूरी के भुगतान की मांग
संघ का कहना है कि वन श्रमिक प्रतिकूल मौसम में भी पौधों की देखभाल, वृक्षारोपण और वन संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसके बावजूद कई श्रमिकों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है और उन्हें जरूरी सुविधाओं का भी अभाव झेलना पड़ रहा है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान सहरसा और उदाकिशुनगंज वन प्रक्षेत्र के श्रमिकों की लंबित मजदूरी का भुगतान करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा बाह्य स्रोत और अन्य योजनाओं के तहत कराए गए वृक्षारोपण कार्यों की बकाया मजदूरी का जल्द भुगतान करने की मांग की गई।
मेडिकल कार्ड और पौधों की सुरक्षा के लिए कर्मियों की मांग
वन श्रमिक संघ ने श्रमिकों को मेडिकल कार्ड उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। संघ के अनुसार, एक हजार पौधों की सुरक्षा के लिए पर्यवेक्षक और 500 से अधिक पौधों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मी नियुक्त किए जाने चाहिए।
इसके साथ ही कार्यालय में हाजिरी और मास्टर रोल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। संघ ने कोसी निकासी, पानी पटवन और वृक्षारोपण जैसे कार्यों के लिए अलग से मजदूर नियुक्त करने की भी अपील की।
दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के पीएफ का मुद्दा उठा
धरने के दौरान सभी दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के वेतन से भविष्य निधि (पीएफ) की कटौती सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। संघ का कहना है कि इससे श्रमिकों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा में मदद मिलेगी।
प्रदर्शन में शामिल सदस्यों ने वन विभाग के अधिकारियों से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान करने की अपील की। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, संघ की ओर से उठाई गई मांगों पर वन विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
(इंद्रदेव की रिपोर्ट)


