
Jharkhand: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को छात्रों के एकेडमिक रिकॉर्ड्स तुरंत अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के अनुसार शैक्षणिक सत्र के तहत 9वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन तथा 10वीं और 12वीं के छात्रों की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) जमा करने की आधिकारिक प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। बोर्ड ने स्कूलों को स्पष्ट किया है कि पोर्टल ओपन होने से पहले ही छात्रों के पूरे व्यक्तिगत विवरण और उनके द्वारा चुने गए विषयों का ब्योरा पूरी तरह तैयार रखा जाए।

एडमिशन रजिस्टर से मेल खानी चाहिए पूरी जानकारी
बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में साफ कहा गया है कि छात्र-छात्राओं का नाम उनके मूल एडमिशन रजिस्टर में दर्ज स्पेलिंग के अनुसार ही पोर्टल पर चढ़ाया जाए। इसके अलावा जन्मतिथि, लिंग, श्रेणी और माता-पिता या अभिभावक के नाम में किसी भी तरह की त्रुटि नहीं होनी चाहिए। छात्रों द्वारा चुने गए सभी विषय अनिवार्य रूप से CBSE की स्कीम ऑफ स्टडीज के मानकों के अनुरूप होने चाहिए। साथ ही छात्रों की पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर भी बोर्ड के तय फॉर्मेट और साइज में पहले से तैयार रखने को कहा गया है।

समय सीमा में LOC और रजिस्ट्रेशन पूरा करना स्कूलों का जिम्मा
CBSE ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन और LOC का काम पूरा करना पूरी तरह से संबंधित स्कूलों की जिम्मेदारी होगी। पिछले सत्रों में कुछ स्कूलों द्वारा अंतिम तारीख तक डेटा जमा न करने के कारण पूरी प्रक्रिया में रुकावट आई थी। बोर्ड ने स्कूलों को पिछले सालों की गलतियों से सबक लेने की सख्त हिदायत दी है।
गलत विषय कोड और स्पेलिंग मिस्टेक पर सख्त रुख
पिछले वर्षों के अनुभवों का हवाला देते हुए बोर्ड ने रेखांकित किया कि पहले कई मामलों में स्कूलों द्वारा गलत विषय या गलत विषय कोड दर्ज कर दिए गए थे। इसके अलावा छात्रों और अभिभावकों के नाम में भी भारी स्पेलिंग मिस्टेक्स सामने आई थीं, जिसके चलते कई विद्यार्थियों की LOC समय पर जमा नहीं हो सकी थी। इसके बाद स्कूलों को करेक्शन के लिए बोर्ड से अलग से अनुरोध करना पड़ा था, जिससे छात्रों को बेवजह परेशानी उठानी पड़ी थी। बोर्ड ने इस बार ऐसी किसी भी लापरवाही से बचने के लिए पूर्व सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा है।


