
Jharkhand News: झारखंड में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे विशेष शिक्षकों के समायोजन और पक्का (नियमित) करने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सुप्रीम कोर्ट के साफ आदेश के बावजूद राज्य सरकार द्वारा तय समयसीमा के भीतर फैसला न लेने से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि कोर्ट का सख्त आदेश होने के बाद भी सरकार ढिलाई बरत रही है, जिससे उनका भविष्य लगातार अधर में लटका हुआ है।

4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2026 को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड सरकार को 211 कॉन्ट्रैक्ट विशेष शिक्षकों के समायोजन पर 2 महीने के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया था। यह 2 महीने की मियाद 4 अक्टूबर को ही पूरी हो चुकी है। लेकिन मियाद खत्म होने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे शिक्षकों में भारी असंतोष है।

RCI योग्यता को आधार बनाने की मांग, JTET पर एतराज
शिक्षकों की मुख्य मांग है कि उनके समायोजन पर फैसला लेते समय भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से मान्यता प्राप्त डिग्री और योग्यता को ही आधार बनाया जाए। शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की शर्त जोड़कर मामले को टालना उनके साथ अन्याय है।
फैसला नहीं हुआ तो दोबारा जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
झारखंड में पिछले कई सालों से अपनी सेवाएं दे रहे 211 विशेष शिक्षक अब सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि फैसला न होने से वे मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द कोई फैसला नहीं लेती है, तो वे अपने हक के लिए दोबारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और सरकार के खिलाफ अवमानना (कंटेंप्ट) याचिका दाखिल करेंगे।


