
पटना/सोनीपत: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि भारत के युवाओं को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

शुक्रवार को हरियाणा के सोनीपत स्थित कुंडली पहुंचे चिराग पासवान ने दिल्ली में प्रदर्शन से पहले ट्रेनों के रद्द होने और आवाजाही पर लगाई जा रही पाबंदियों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। रेलवे ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द किया है। रेलवे के अनुसार, केंद्रीय दिल्ली में संभावित प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

‘कितनी ट्रेनें रोकेंगे, कितनी सड़कें जाम करेंगे?’
चिराग पासवान ने कहा कि भारत के युवा दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं और उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा, “ये भारत के युवा हैं और इनमें दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता है, जिन्हें कोई नहीं रोक सकता।”
विपक्ष और गलतफहमियां फैलाने वालों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आखिर कोई कितनी ट्रेनें रोक सकता है, कितनी कनेक्टिविटी बाधित कर सकता है और कितनी सड़कें जाम कर सकता है? उनके मुताबिक, देश के युवा पिछली पीढ़ियों की तरह हर बाधा को पार कर आगे बढ़ना जानते हैं।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाले विपक्ष को दी सलाह
चिराग पासवान इससे पहले निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों को भी अपनी बात आयोग के सामने रखने की सलाह दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को चुनाव प्रक्रिया को लेकर संदेह या आपत्ति है, तो उसे निर्वाचन आयोग से सीधे बातचीत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लगातार विरोध-प्रदर्शन करने के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए। उनके अनुसार, केवल हंगामा करने से समस्याओं का हल नहीं निकलता।
‘चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था’
चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना राजनीतिक दलों का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि वह वास्तव में समाधान चाहता है या केवल विरोध करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और राजनीतिक दल अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलने का समय मांगकर अपनी आपत्तियां रख सकते हैं।
गौरतलब है कि CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और सार्वजनिक परिवहन पर भी कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।
प्रदर्शन और उससे पहले की गई व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। वहीं, चिराग पासवान ने अपने बयान के जरिए युवाओं की क्षमता और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दिया है।


