
रांची: झारखंड की धरती अपनी समृद्ध आदिवासी परंपराओं, लोकगीतों, संगीत और सांस्कृतिक विविधता के लिए जानी जाती है। अब इसी सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक हिप-हॉप संगीत के साथ जोड़कर युवाओं के बीच अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं रांची के युवा रैपर NGR। अपनी अलग संगीत शैली और झारखंडी संस्कृति पर केंद्रित गीतों के जरिए NGR राज्य के उभरते हिप-हॉप कलाकारों में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

NGR का असली नाम निशांत गारी (Nishant Gari) है। उनका जन्म 10 नवंबर 2007 को हुआ। कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे निशांत को झारखंड का सबसे कम उम्र का रैपर भी कहा जाता है।


‘हक से कोल’ से चर्चा में आए NGR
Rapper NGR का हालिया गाना ‘हक से कोल’ (HAQ SE KOL) उनके संगीत सफर का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। यह ट्रैक 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुआ। इस गाने में NGR के साथ TRIBAL G7, DAMNNBOI और NELSAN VLN भी जुड़े हैं।
‘हक से कोल’ जैसे गानों के जरिए झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक हिप-हॉप के मेल को सामने लाने की कोशिश दिखाई देती है। आज के दौर में रैप केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी बात रखने, अपनी पहचान जाहिर करने और अपने परिवेश की कहानियां लोगों तक पहुंचाने का एक तरीका भी बन चुका है।
NGR की संगीत यात्रा की खास बात यह है कि वह झारखंडी संस्कृति को अपने काम के केंद्र में रखना चाहते हैं। स्थानीय पहचान, क्षेत्रीय संस्कृति और आधुनिक संगीत के इस मेल से वह अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

झारखंडी पहचान को हिप-हॉप से जोड़ने की कोशिश
भारत में हिप-हॉप संगीत लगातार नए क्षेत्रों और भाषाओं तक पहुंच रहा है। अब कलाकार केवल हिंदी या अंग्रेजी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपनी स्थानीय भाषा, बोली, जीवनशैली और सांस्कृतिक अनुभवों को भी संगीत का हिस्सा बना रहे हैं। झारखंड में भी स्थानीय कलाकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपने संगीत को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
ऐसे माहौल में NGR जैसे युवा कलाकारों के लिए अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करना, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। झारखंड की लोक-सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक बीट्स और रैप के साथ प्रस्तुत करने का उनका प्रयास स्थानीय संगीत को नई पीढ़ी से जोड़ने की संभावनाएं पैदा करता है।
मूवी हॉल में हिप-हॉप ट्रैक रिलीज
NGR से जुड़ी एक और खास उपलब्धि है। उन्हें झारखंड का पहला ऐसा रैपर बताया जाता है, जिसका हिप-हॉप ट्रैक मूवी हॉल में रिलीज हुआ। उनके ट्रैक हक से कोल को रांची के प्रसिद्ध Pocorn cinema हॉल में रिलीज़ किया गया.
कम उम्र, बड़े सपने और अपनी मिट्टी से जुड़ाव
निशांत गारी की कहानी उस नई पीढ़ी की ओर इशारा करती है, जो अपनी रुचि और रचनात्मकता के जरिए संगीत की दुनिया में जगह बनाना चाहती है। उनके लिए चुनौती केवल गाने रिलीज करना नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान बनाना, श्रोताओं से जुड़ना और अपने संगीत को व्यापक स्तर तक पहुंचाना भी है।
NGR का झारखंडी संस्कृति पर फोकस उन्हें एक ऐसा संगीत मार्ग तलाशने का अवसर देता है, जहां आधुनिक हिप-हॉप के साथ स्थानीय पहचान को भी जगह मिल सके। उनकी आगे की यात्रा इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने संगीत, प्रस्तुति और दर्शकों के साथ जुड़ाव को किस तरह विकसित करते हैं।
फिलहाल, ‘हक से कोल’ की रिलीज के साथ NGR का नाम झारखंड के उभरते हिप-हॉप कलाकारों के संदर्भ में सामने आया है। आने वाले समय में उनके नए गाने और संगीत से जुड़े प्रयास यह तय करेंगे कि वह राज्य के हिप-हॉप परिदृश्य में अपनी पहचान को किस मुकाम तक ले जा पाते हैं।


