
Ranchi: दुर्गा पूजा के महापर्व के बीच राजधानी रांची की सफाई व्यवस्था पर एक बड़ा संकट मंडराने लगा है। अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर रांची नगर निगम (RMC) के सैकड़ों महिला और पुरुष सफाई कर्मियों ने हड़ताल पर जाने की तैयारी तेज कर दी है। झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन (CITU) ने शहर के अलग-अलग वार्डों में कर्मचारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। यूनियन ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने मांगों पर कोई ठोस और लिखित फैसला नहीं लिया, तो दुर्गा पूजा के दौरान ही कामगार हड़ताल पर चले जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो पूजा के दौरान शहर भर में कचरे का अंबार लग सकता है और पूरी सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है।

25 सितंबर को मूसलाधार बारिश में किया था प्रदर्शन
सफाई कर्मियों ने इससे पहले 25 सितंबर को भारी बारिश के बीच श्रम भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया था। कामगारों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण (स्थायीकरण), मातृत्व अवकाश, मेडिकल लीव, आकस्मिक अवकाश (CL), अर्जित अवकाश (EL) और चालू वित्तीय वर्ष के दुर्गा पूजा बोनस का भुगतान शामिल है। इसके अलावा कई कर्मियों को जबरन काम से हटाए जाने के फैसले को रद्द कर उन्हें वापस काम पर रखने और नगर निगम के वाहन चालकों को कुशल श्रमिक (Skilled Worker) की श्रेणी में शामिल कर वेतन बढ़ाने की भी मांग उठाई गई थी। इस प्रदर्शन के बाद श्रम आयुक्त के साथ हुई बातचीत में त्रिपक्षीय बैठक बुलाने और समाधान निकालने का सिर्फ मौखिक आश्वासन मिला था।

औपचारिकता बनकर न रह जाए श्रम विभाग की बैठक
श्रम विभाग ने सहायक श्रम आयुक्त स्तर पर एक बैठक बुलाई है, लेकिन यूनियन को अंदेशा है कि यह बैठक भी पिछली बैठकों की तरह केवल खानापूर्ति बनकर रह जाएगी। यूनियन नेताओं का आरोप है कि नगर निगम के आला अधिकारी पहले भी कई अहम बैठकों से नदारद रहे हैं या फिर कर्मचारियों की बुनियादी मांगों पर गोलमोल जवाब देकर पल्ला झाड़ते रहे हैं। अधिकारियों के इसी गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए यूनियन अब सीधे वार्ड स्तर पर कर्मचारियों को लामबंद कर रही है ताकि आर-पार की लड़ाई लड़ी जा सके।
बोनस और छुट्टियों पर लिखित आदेश जारी करने की मांग
यूनियन ने दो-टूक कहा है कि कर्मचारियों के राष्ट्रीय अवकाश, आकस्मिक अवकाश, बीमारी अवकाश और महिला कर्मियों के लिए मातृत्व अवकाश को लेकर नगर निगम प्रशासन को तत्काल प्रभाव से लिखित आदेश जारी करना होगा। इसके साथ ही त्योहारी सीजन को देखते हुए इस साल के बोनस पर भी तुरंत अंतिम फैसला लेना होगा। संगठन ने साफ कर दिया है कि अगर प्रशासन ने इस बार भी सिर्फ वादों की घुट्टी पिलाई, तो दुर्गा पूजा के ठीक बीचों-बीच कर्मचारी झाड़ू और गाड़ियां खड़ी कर सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।


