
Bokaro: बोकारो जिले के बेरमो स्थित सीसीएल (CCL) की कारो परियोजना में विस्थापितों और सीसीएल प्रबंधन के बीच हुई वार्ता सफल रही है। मांगों पर प्रबंधन से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद कोयलांचल विस्थापित संघर्ष मोर्चा ने अपना आंदोलन और कामबंदी वापस लेने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही खदान में दोबारा कोयला उत्पादन और ट्रांसपोर्टिंग का काम शुरू हो गया है।

चरकपनिया में ठप करा दिया था कामकाज
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कोयलांचल विस्थापित संघर्ष मोर्चा के बैनर तले स्थानीय रैयतों और ग्रामीणों ने चरकपनिया में आउटसोर्सिंग से चल रहे खनन काम को पूरी तरह से ठप करा दिया था। काम बंद होने की वजह से खदान में कोयले का उत्पादन और ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह से रुक गई थी, जिससे प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए थे।

करगली में हुई द्विपक्षीय बैठक
शनिवार को करगली में सीसीएल प्रबंधन और कोयलांचल विस्थापित संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वतन महतो के साथ ग्रामीणों की अहम बैठक हुई। बैठक में ग्रामीणों और विस्थापितों ने अपनी तीन मुख्य मांगें, बेहतर स्वास्थ्य सह चिकित्सा सुविधाएं, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और बिजली विभाग से जुड़ी समस्याएं, प्रबंधन के समक्ष प्रमुखता से रखीं।
समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का मिला भरोसा
बैठक के दौरान CCL प्रबंधन ने ग्रामीणों की सभी जायज मांगों को एक तय समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर पूरा करने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया। प्रबंधन के इस सकारात्मक रुख के बाद मोर्चा अध्यक्ष वतन महतो और ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।


