
पटना: राजधानी पटना का गांधी मैदान रविवार से रामायण के प्रसंगों, भक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुलजार होने जा रहा है। दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाली ऐतिहासिक रामलीला का रविवार, 11 अक्टूबर से भव्य शुभारंभ होगा। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस महोत्सव में इस बार दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन, संघर्ष और आदर्शों को मंच पर जीवंत करेंगे।

इस बार रामलीला को पहले से अधिक आकर्षक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मंच के पीछे LED स्क्रीन और स्पेशल इफेक्ट्स का इस्तेमाल होगा, जिससे रामायण के विभिन्न प्रसंग दर्शकों के सामने अधिक प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किए जा सकेंगे।

नीतीश कुमार करेंगे उद्घाटन
रामलीला महोत्सव का उद्घाटन रविवार शाम चार बजे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार करेंगे। समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार समेत कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
उद्घाटन के बाद रामलीला का मंचन शुरू होगा। इसके बाद शाम छह बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अगले कई दिनों तक गांधी मैदान में धार्मिक आस्था के साथ गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी।
11 से 14 अक्टूबर तक रामलीला के साथ सांस्कृतिक संध्या
11 से 14 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम चार बजे रामलीला का मंचन होगा। इसके बाद शाम छह बजे से सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इन कार्यक्रमों में विभिन्न कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
यह आयोजन रामलीला देखने आने वाले लोगों के लिए भक्ति और मनोरंजन का संगम होगा। परिवार के साथ पहुंचने वाले दर्शकों को धार्मिक प्रसंगों के अलावा संगीत और नृत्य का आनंद लेने का अवसर भी मिलेगा।
15 से 19 अक्टूबर तक शाम छह बजे होगा मंचन
14 अक्टूबर के बाद रामलीला के समय में बदलाव किया जाएगा। 15 से 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम छह बजे से मंचन होगा। इस दौरान रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को अभिनय, संवाद और मंच सज्जा के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
आयोजकों का उद्देश्य नई पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति और रामायण की परंपरा से जोड़ना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक मंचन के साथ आधुनिक दृश्य तकनीक को शामिल किया जा रहा है।
LED स्क्रीन और स्पेशल इफेक्ट्स से सजेगा मंच
इस वर्ष रामलीला के मंचन में LED स्क्रीन और विशेष दृश्य प्रभाव प्रमुख आकर्षण होंगे। ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार के मुताबिक, मंच के पीछे बड़ी LED स्क्रीन लगाई जा रही है। इसके माध्यम से रामायण के प्रसंगों को अधिक जीवंत बनाने की तैयारी है।
आयोजकों का दावा है कि तकनीक के इस्तेमाल से दर्शकों को मंच पर होने वाली घटनाओं के साथ बैकग्राउंड विजुअल्स का भी अनुभव मिलेगा। इससे पारंपरिक रामलीला को आधुनिक प्रस्तुति के साथ पेश करने में मदद मिलेगी।
1955 से जारी परंपरा, इस बार 71वां वर्ष
गांधी मैदान की रामलीला पटना की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा रही है। वर्ष 1955 से चली आ रही इस परंपरा का इस बार 71वां वर्ष है। हर साल बड़ी संख्या में लोग रामलीला और दशहरा से जुड़े कार्यक्रमों को देखने पहुंचते हैं।
श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। समय के साथ आयोजन के स्वरूप में बदलाव किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी मूल भावना को बरकरार रखा गया है।
रामलीला पंडाल के पास मां पटन देवी के दर्शन
इस बार गांधी मैदान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मां पटन देवी के दर्शन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्य पंडाल के पास मां पटन देवी के विग्रह की स्थापना होगी। शिशिर कुमार और डॉ. अजय प्रकाश के संयोजन में इसकी तैयारियां की जा रही हैं।
इससे रामलीला देखने आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजन का अवसर भी मिलेगा।
20 अक्टूबर को रावण दहन, 21 को भरत मिलाप
रामलीला महोत्सव के अंतिम चरण में 20 अक्टूबर को भव्य रावण दहन का आयोजन होगा। कार्यक्रम शाम चार बजे से शुरू होगा। इस दौरान आतिशबाजी भी प्रस्तावित है। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के गांधी मैदान पहुंचने की उम्मीद है।
इसके अगले दिन, 21 अक्टूबर को शाम छह बजे भरत मिलाप का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही रामलीला महोत्सव का समापन होगा।
ट्रस्ट के महासचिव प्रिंस कुमार राजू के अनुसार, आयोजन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारी, सदस्य और युवा कार्यकर्ता कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में जुटे हैं। वहीं, कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार ने लोगों से महोत्सव में शामिल होने की अपील की है।
कब और किस समय होंगे कार्यक्रम?
- 11 अक्टूबर: शाम 4 बजे उद्घाटन और रामलीला मंचन; शाम 6 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- 12 से 14 अक्टूबर: शाम 4 बजे रामलीला; शाम 6 बजे सांस्कृतिक संध्या।
- 15 से 19 अक्टूबर: प्रतिदिन शाम 6 बजे रामलीला मंचन।
- 20 अक्टूबर: शाम 4 बजे रावण दहन और आतिशबाजी।
- 21 अक्टूबर: शाम 6 बजे भरत मिलाप।
गांधी मैदान में होने वाला यह महोत्सव एक बार फिर पटना में दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनने जा रहा है। पारंपरिक रामलीला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आधुनिक तकनीक के मेल के साथ आयोजकों को इस बार भी बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।


