
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने राज्य में बाढ़ के हालात को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बिहार के 15 जिलों में बाढ़ का हवाला देते हुए केंद्र से विशेष सहायता और बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की।

तेजस्वी यादव ने राज्य की डबल इंजन सरकार पर भी निशाना साधा। इसके अलावा BRICS सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर उन्होंने तंज कसा।

‘डबल इंजन सरकार के दोनों इंजनों में लगी आग’
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार जरूर है, लेकिन दोनों इंजनों में आग लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार का खजाना खाली हो चुका है और इमरजेंसी फंड से पैसे निकाले जा रहे हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कई परिवार पानी के बीच फंसे हुए हैं और सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
पीएम मोदी से विशेष मदद की मांग
बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार को केंद्र से विशेष मदद मिलनी चाहिए। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश से अलग समझते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी बाढ़ आपदा के बावजूद केंद्र से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है।
उन्होंने दावा किया कि बाढ़ के मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष पैकेज देने की मांग की है। तेजस्वी के मुताबिक, अभी तक उन्हें पत्र का जवाब नहीं मिला है।
BRICS में सम्राट चौधरी को नहीं बुलाने पर तंज
BRICS सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आमंत्रित नहीं किए जाने के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सम्मेलन में भाजपा के 16 मुख्यमंत्रियों और कई केंद्रीय मंत्रियों को बुलाया गया, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया।
इसी को लेकर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि कहीं सम्राट चौधरी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यह न कह दें कि ‘व्याकुल न हों’। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनसे अब कोई काम नहीं होने वाला है।
‘30 से ज्यादा सांसद, 7 केंद्रीय मंत्री, फिर भी मदद नहीं’
तेजस्वी यादव ने बिहार के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बिहार के 30 से ज्यादा सांसद हैं और 7 केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन इसके बावजूद बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र से पर्याप्त सहायता नहीं मांगी जा रही है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को लेकर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि बिहार के जनप्रतिनिधि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रभावी तरीके से आवाज नहीं उठा रहे हैं। तेजस्वी ने इन्हें ‘यूजलेस’ तक कह दिया।
तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद बिहार की बाढ़, केंद्र से सहायता और BRICS सम्मेलन में मुख्यमंत्री को निमंत्रण नहीं मिलने का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है।


