
नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में रेलवे के सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाने से डीजल चोरी के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान एक रेलवे कर्मचारी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से 240 लीटर डीजल बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 24 हजार रुपये बताई जा रही है। आरपीएफ के अनुसार, रेलवे के पावर कार से डीजल निकालकर उसे गोदाम में छिपाया जा रहा था।

गुप्त सूचना पर आरपीएफ की छापेमारी
मामला हरनौत बाजार स्थित रेलवे के सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाने का है। आरपीएफ पोस्ट हरनौत के निरीक्षक प्रभारी संजीव कुमार के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 4:30 बजे सूचना मिली थी कि कुछ निजी कर्मचारी रेलवे के पावर कार से डीजल निकालकर वर्कशॉप परिसर में स्थित एक गोदाम में रख रहे हैं।

सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान अग्रवाल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम में दो लोगों को छोटे गैलन से बड़े ड्रम में डीजल डालते हुए पकड़ा गया।
रेलवे कर्मचारी समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पकड़े गए लोगों की पहचान संजीव कुमार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर बताया कि बरामद डीजल रेलवे के पावर कार से निकाला गया था। उन्होंने इस मामले में पेंट शॉप में कार्यरत रेलवे कर्मचारी अमन कुमार और सुपरवाइजर राजेश कुमार की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।
इसके बाद आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए अमन कुमार और राजेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
240 लीटर डीजल जब्त, कीमत करीब 24 हजार रुपये
RPF की कार्रवाई के दौरान सात गैलन और एक ड्रम में रखा कुल 240 लीटर डीजल जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 24 हजार रुपये बताई गई है।
RPF ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। मामले की आगे की जांच उप निरीक्षक मुसाफिर राम को सौंपी गई है।
रेलवे वर्कशॉप में डीजल चोरी के नेटवर्क की जांच
आरपीएफ के अनुसार, डीजल चोरी का यह मामला पिछले कई महीनों से चल रहा था। अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित चोरी में और कौन लोग शामिल थे और रेलवे के पावर कार से डीजल निकालने का सिलसिला कब से चल रहा था।
फिलहाल, मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी और 240 लीटर डीजल की बरामदगी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने पर ही कथित चोरी के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट।


