
Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा स्थित सुप्रसिद्ध मां रकिणी मंदिर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का यह केंद्र इन दिनों राजनीति और गुटबाजी का मैदान बन गया है। विवाद की मुख्य वजह मंदिर के अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाना और मंदिर में आने वाले चंदे व कमाई का हिसाब-किताब बताया जा रहा है।

कापड़ घाट विकास समिति दो गुटों में बंटी
अध्यक्ष पद और मंदिर के मैनेजमेंट को लेकर कापड़ घाट विकास समिति की अंदरूनी गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। समिति दो धड़ों में पूरी तरह विभाजित हो चुकी है। मंदिर परिसर में सिदेश्वर सरदार की अध्यक्षता में एक अहम मीटिंग बुलाई गई थी, लेकिन कई कार्यकारिणी सदस्यों और मुख्य लोगों के न पहुंचने की वजह से मामला अटक गया।

स्थाई कमिटी का ऐलान टला, 23 अक्टूबर को अगली मीटिंग
सदस्यों की गैरमौजूदगी के कारण नई और स्थाई कमिटी के पदाधिकारियों के नामों की घोषणा फिलहाल टाल दी गई है। अब कमिटी ने अगली मीटिंग 23 अक्टूबर को जादूगोड़ा रंकिणी मंदिर परिसर में ही रखी है। हालांकि, दोनों गुटों के बीच जारी तनातनी को देखते हुए अगली मीटिंग में भी सहमति बनना आसान नजर नहीं आ रहा है।
पूर्व अध्यक्ष पर लगाए धांधली के आरोप
मीटिंग के बाद भूमिज नेता सिदेश्वर सरदार ने पूर्व अध्यक्ष दिनेश सरदार पर करारा हमला बोला। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान कामकाज और मंदिर की कमाई के संचालन में भारी गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए। सिदेश्वर सरदार नया चुनाव कराकर नई कमिटी बनाने की मांग पर अड़े हैं, जबकि पुरानी कमिटी चुनाव कराने के सख्त खिलाफ है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह मामला आपस में सुलझता है या फिर कोर्ट तक जाता है।


