
Pakur: जिले में सड़क हादसों में मौतों और घायलों के नाम पर फर्जी इंश्योरेंस क्लेम उठाने का एक बड़ा मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। जिले में हाल के दिनों में अलग-अलग एक्सीडेंट्स के बाद मुआवजे और क्लेम के कई ऐसे अजीबोगरीब केस सामने आए हैं, जिसे देखकर बीमा कंपनियों के कान खड़े हो गए हैं। बड़े फर्जीवाड़े की बू आते ही इंश्योरेंस कंपनी ने सीधे CID से संपर्क साधा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रख दी। कंपनी का रुख बिल्कुल साफ है कि जांच में अगर दावे सही पाए गए तो नियमानुसार पूरा पेमेंट किया जाएगा, लेकिन अगर किसी सिंडिकेट का फर्जीवाड़ा निकला तो सीधे कानूनी कार्रवाई होगी।

DC और SP से नहीं मिला कोई जवाब, CID दोबारा भेजेगी रिमाइंडर लेटर
बीमा कंपनी की लिखित शिकायत मिलते ही CID ने एक्शन में आते हुए Pakur के DC और SP को पूरी वस्तुस्थिति और रिपोर्ट के लिए लेटर भेजा था। हालांकि काफी वक्त बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। जवाब अटके रहने की वजह से मामले की पड़ताल आगे नहीं बढ़ पा रही है। अब CID एक बार फिर Pakur DC और SP को दूसरा पत्र भेजने की तैयारी में है, ताकि जरूरी जानकारियां और रिकॉर्ड्स जल्द हासिल कर जांच की रफ्तार बढ़ाई जा सके।

जांच पूरी होने के बाद ही बेनकाब होगा असली सच
सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े इन तमाम क्लेम में किसी बड़े गिरोह की मिलीभगत है या सिर्फ कागजी गड़बड़ी, यह बात CID की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल पूरा मामला बीमा कंपनी के शक और उसकी कंप्लेंट के इर्द-गिर्द घूम रहा है। जांच टीम के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह तय होगा कि पीड़ितों के नाम पर क्लेम की रकम वाकई सही हाथों में जा रही थी या फिर हादसों की आड़ में कोई बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा था।


