
बिहार के सारण जिले में दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने समाहरणालय परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत चलेगा जागरूकता अभियान
जिला प्रशासन की ओर से यह पहल सेवा संकल्प अभियान के तहत की गई है। प्रचार वाहन के माध्यम से जिले के सदर अनुमंडल सहित बनियापुर, दरियापुर, अमनौर और मांझी के चिह्नित क्षेत्रों में लोगों को विशेष शिविरों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

प्रचार अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक पहुंचे और जानकारी के अभाव में कोई पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रह जाए।
संबल और एडिप योजना के तहत मिलेंगे सहायक उपकरण
विशेष शिविरों में संबल एवं एडिप योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। इन उपकरणों से दिव्यांगजनों को दैनिक गतिविधियों में सहूलियत मिलने और उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन का जोर है कि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि वे उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
पांच क्षेत्रों में प्रचार, पात्र लाभार्थियों से अपील
प्रचार वाहन के जरिए लोगों को शिविरों की निर्धारित तिथि, स्थान और योजना से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे शिविरों की जानकारी प्राप्त करें और निर्धारित तिथि पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए इसमें शामिल हों।
फिलहाल, इस पहल के जरिए प्रशासन की कोशिश है कि जिले के अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों तक सहायक उपकरण पहुंचाए जाएं। इससे उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में सुविधा मिलने के साथ सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल सकता है।


