
पटना: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को AISA के प्रदर्शन के दौरान जेपी गोलंबर पर पुलिस और छात्र-छात्राओं के बीच तनाव की स्थिति बन गई। SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जबरन गाड़ियों में बैठाने, सड़क पर घसीटने और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए।

मौके पर उस समय असमंजस की स्थिति बन गई, जब हिरासत में लिए गए छात्रों को वज्र वाहन से दूसरी बस में शिफ्ट किया जा रहा था। इस दौरान वाहन की चाबी को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि, चाबी किसने ली और वह कहां गई, इसकी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जेपी गोलंबर पर हिरासत में लिए गए छात्र-छात्राएं
AISA के कार्यकर्ता SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। मौके से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 10 से 15 छात्रों को एक वज्र वाहन में बैठाया गया था। बाद में उन्हें दूसरी बस में स्थानांतरित करने की तैयारी की गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन गाड़ियों में बैठाया और कुछ छात्र-छात्राओं को सड़क पर घसीटा। उन्होंने मोबाइल फोन टूटने और गायब होने की शिकायत भी की। इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
वज्र वाहन की चाबी को लेकर बढ़ा असमंजस
प्रदर्शनकारियों को वज्र वाहन से दूसरी बस में शिफ्ट करने के दौरान वाहन की चाबी को लेकर सवाल उठने लगे। मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा हुई कि चाबी आखिर किसके पास है।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब वे वाहन के अंदर बंद थे, तो उन्हें चाबी के बारे में जानकारी कैसे हो सकती है। वहीं, मौके की रिपोर्टिंग में दावा किया गया कि कुछ छात्र चाबी लेकर फरार हो गए। हालांकि, इस दावे की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। AISA से जुड़े रिक्की खान ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया और वहां प्रदर्शन के दौरान छात्रों को हिरासत में लिए जाने तथा कथित मारपीट की घटनाओं पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
वज्र वाहन से दूसरी बस में शिफ्ट किए गए प्रदर्शनकारी
जेपी गोलंबर पर हिरासत में लिए गए छात्रों को वज्र वाहन से दूसरी बस में स्थानांतरित करने की तैयारी के दौरान पुलिसकर्मी कतार बनाकर उन्हें बस तक ले जाते दिखे। इस दौरान मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना रहा।
AISA कार्यकर्ताओं ने कहा कि हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल, कथित दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचने और वज्र वाहन की चाबी को लेकर उठे सवालों पर पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार है।


