
Ranchi: झारखंड HC ने मगध-आम्रपाली कोयला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित टेरर फंडिंग केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए सात आरोपियों को जमानत दे दी है। अदालत ने विनोद कुमार गंझू, विंदेश्वर गंझू उर्फ विंदु गंझू, बीरबल गंझू, भीखन गंझू, अमर सिंह भोक्ता, प्रेम विकास और अनिश्चय गंझू की बेल पिटीशन पर सुनवाई करते हुए यह राहत प्रदान की है। इस पूरे मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई।

दोनों पक्षों की बहस के बाद सशर्त बेल, NIA कर रही मामले की जांच
खंडपीठ ने अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें और कानूनी पहलुओं को सुनने के बाद सभी सात आरोपियों को सशर्त जमानत देने का निर्देश जारी किया। गौरतलब है कि मगध-आम्रपाली कोल ब्लॉक इलाके में उग्रवादी संगठनों और अपराधियों के गठजोड़ द्वारा जबरन लेवी वसूलने और कोयला कारोबार के जरिए टेरर फंडिंग करने का मामला उजागर हुआ था। इस गंभीर नेटवर्क की कड़ियां खंगालने के लिए NIA और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से जांच की जा रही थी, जिसमें कई लोगों को नामजद आरोपी बनाकर जेल भेजा गया था। अदालत के इस ताजा आदेश के बाद लंबे समय से सलाखों के पीछे बंद इन आरोपियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।


