
नई दिल्ली। करीब 5,000 साल पहले हड़प्पा सभ्यता में रहने वाले लोग कैसे दिखते थे, क्या खाते थे और उनकी जीवनशैली कैसी थी? इन सवालों के जवाब अब राखीगढ़ी से मिले मानव कंकालों के वैज्ञानिक अध्ययन से मिलने की उम्मीद है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने पुरास्थल से मिले तीन मानव कंकालों को विस्तृत जांच के लिए भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण (ANSI), कोलकाता भेजा है।

वैज्ञानिक इन कंकालों की हड्डियों और उपलब्ध जैविक अवशेषों का अध्ययन करेंगे(Rakhigarhi Human Skeletons)। साथ ही DNA जांच के जरिए उस दौर की मानव आबादी की वंशावली और उनके बीच संबंधों को समझने की कोशिश की जाएगी। इससे हड़प्पावासियों के जीवन से जुड़े कई अनसुलझे सवालों पर नई जानकारी मिल सकती है।

Rakhigarhi Human Skeletons: हड्डियों से पता चलेगा कैसा था जीवन
कंकालों की वैज्ञानिक जांच से उस समय के लोगों के स्वास्थ्य, खान-पान और जीवनशैली के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। हड्डियों के अध्ययन से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि प्राचीन लोगों को किन बीमारियों का सामना करना पड़ता था और उनका शारीरिक विकास किस तरह हुआ था।
जैविक अवशेषों की जांच से उस दौर के पर्यावरण और जीवन परिस्थितियों को समझने में भी मदद मिल सकती है। वैज्ञानिक अलग-अलग जांच के नतीजों को जोड़कर हड़प्पावासियों की जीवनशैली की तस्वीर तैयार करने की कोशिश करेंगे।
DNA से खुलेगा आबादी और वंशावली का राज
कंकालों की DNA जांच इस अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसके जरिए वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करेंगे कि राखीगढ़ी में रहने वाले लोगों की आनुवंशिक संरचना कैसी थी और उनका संबंध किन प्राचीन मानव आबादियों से था।
DNA अध्ययन से प्राचीन आबादी के बीच संबंध और संभावित प्रवास को समझने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, इन सभी निष्कर्षों के लिए वैज्ञानिक जांच पूरी होने और उसके परिणाम सामने आने का इंतजार करना होगा।
AI और आधुनिक तकनीक से चेहरे का भी लगेगा अनुमान
आधुनिक तकनीक की मदद से कंकालों से उस समय के लोगों की चेहरे की संभावित बनावट का अनुमान लगाने की कोशिश भी की जा सकती है। इससे वैज्ञानिक यह समझने में मदद पा सकते हैं कि हड़प्पा सभ्यता के लोगों का संभावित रूप कैसा रहा होगा।
हालांकि, इससे तैयार किया गया चेहरा किसी व्यक्ति की वास्तविक तस्वीर नहीं होगा। यह उपलब्ध कंकाल और वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया संभावित पुनर्निर्माण होगा।
हड़प्पा सभ्यता के अध्ययन में राखीगढ़ी अहम
राखीगढ़ी सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख और बड़े पुरास्थलों में शामिल है। यहां से मिले मानव अवशेष प्राचीन भारतीय इतिहास और उस दौर की आबादी को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
तीन मानव कंकालों के वैज्ञानिक अध्ययन से हड़प्पावासियों के स्वास्थ्य, खान-पान, शारीरिक विकास, वंशावली और संभावित प्रवास से जुड़े कई सवालों पर नई जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच के नतीजे सामने आने के बाद करीब 5,000 साल पुरानी इस सभ्यता में रहने वाले लोगों की जिंदगी को पहले के मुकाबले और करीब से समझने का रास्ता खुल सकता है।


