
Ranchi: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉक्टरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। मंगलवार को राजधानी रांची स्थित रिम्स (RIMS) में चिकित्सकों ने काली पट्टी और ब्लैक बैज लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन ‘आईएमए झारखंड संयुक्त चिकित्सा आंदोलन’ के बैनर तले आयोजित किया गया था। डॉक्टरों ने सुरक्षा व्यवस्था, नियमित बहाली, समय पर प्रमोशन और सम्मानजनक कार्य माहौल की मांग को लेकर आवाज उठाई है।

10 बड़े चिकित्सा संगठन एक मंच पर
इस आंदोलन में प्रदेश के लगभग 10 प्रमुख चिकित्सा संगठन एक साथ आए हैं। डॉक्टरों की मुख्य मांगों में झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को कड़ाई से लागू करना, क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में व्यावहारिक सुधार करना और समय पर करियर में तरक्की (DACP) देना शामिल है। इसके अलावा महिला डॉक्टरों की सुरक्षा, आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी समस्याओं के समाधान और खाली पदों पर नियमित बहाली की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

जानें क्या है आगे का आंदोलन शेड्यूल
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 14 अक्टूबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी और जिला उपायुक्तों (DC) को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 21 अक्टूबर को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन का आयोजन होगा। यदि इस बीच सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है, तो 22 अक्टूबर से डॉक्टर पूरी तरह से काम का बहिष्कार करेंगे। हालांकि, संगठनों का कहना है कि आंदोलन के दौरान भी इमरजेंसी और जीवनरक्षक सेवाएं जारी रखी जाएंगी।


