
New Delhi: दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की है. पुलिस ने मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले पुलिस ने बिना अनुमति सुरक्षा घेरा तोड़कर जंतर-मंतर इलाके में दाखिल होने के आरोप में इन नेताओं और अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की थी. गिरफ्तारी के तुरंत बाद तीनों नेताओं को SEM (स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) कोर्ट में पेश किया गया. पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर पुष्टि की कि उनके नेताओं को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है.

पीस बॉन्ड के उल्लंघन पर FIR, CEC के इस्तीफे को लेकर की थी नारेबाजी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दर्ज की गई नई FIR में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले भरवाए गए P.R बॉन्ड की शर्तों के सीधे उल्लंघन से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं. दरअसल यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब CJP के कार्यकर्ता दिल्ली पुलिस द्वारा की गई भारी बैरिकेडिंग को लांघकर जंतर-मंतर परिसर में घुस गए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे.

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाने के बाद भी अड़े रहे कार्यकर्ता
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में जंतर-मंतर को आधिकारिक धरना-प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया था. इसके बावजूद मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और CJP के अन्य कार्यकर्ता निषेधाज्ञा का खुला उल्लंघन करते हुए वहां पहुंच गए. पार्टी का दावा है कि पुलिस ने उनके करीब 11 सदस्यों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया, जहां कार्यकर्ताओं के जुटने के बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई. इधर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस कदम को जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक अधिकार जताने की कोशिश बताते हुए कहा कि स्थल बदले जाने के बावजूद उनका यह आंदोलन हर हाल में जारी रहेगा.
एक साल के पीस बॉन्ड पर पहले हुए थे रिहा, अब नए मैदानों पर ही होगा प्रदर्शन
इससे पहले शनिवार को भी अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया गया था. उस दौरान कड़ी सुरक्षा के चलते CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं हो सका था और तीनों नेताओं को इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे अगले एक साल तक किसी भी सूरत में शांति भंग नहीं करेंगे. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को स्थायी आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान को ही धरना-प्रदर्शन के नए आधिकारिक स्थल के रूप में तय किया है. CJP का कहना है कि 12 अक्टूबर को आदेश सार्वजनिक होने के तुरंत बाद उनके प्रतिनिधि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीख तय कराने संसद मार्ग थाने पहुंचे थे, लेकिन अनुमति न मिलने पर विवाद बढ़ता चला गया.


