
Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले में वाहन जांच के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। डुमरी के कुलगो टोल प्लाजा के पास सड़क पर खड़ी बंगाल नंबर की एक यात्री बस की जांच करना जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) संतोष कुमार और उनकी टीम को भारी पड़ गया। आरोप है कि बस का परमिट मांगने और अंदर जाकर जांच करने की कोशिश के दौरान चालक, कुछ यात्रियों और स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान DTO संतोष कुमार के सिर पर चोट लगी और उनका चश्मा भी टूट गया, जबकि टीम के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। घटना मंगलवार शाम करीब 4:55 बजे की बताई जा रही है। बुधवार को DTO और उनकी टीम की शिकायत पर डुमरी थाना में FIR दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।



जानकारी के मुताबिक, DTO संतोष कुमार मंगलवार को मोटरयान निरीक्षक (MVI) शुभम लाल सिंह, सूचना प्रौद्योगिकी सहायक साकेत भारतीय और वाहन चालक बालेश्वर मरांडी के साथ बगोदर से सरकारी काम निपटाकर लौट रहे थे। इसी दौरान कुलगो टोल प्लाजा के पास सड़क पर एक यात्री बस खड़ी दिखाई दी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर WB51C8298 बताया गया है। DTO ने बस को सड़क पर खड़ा करने का कारण पूछा और चालक से परमिट दिखाने को कहा। आरोप है कि इसी बात को लेकर चालक और अधिकारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया।
बस की जांच करने चढ़े अधिकारी तो शुरू हो गई धक्का-मुक्की
डुमरी थाना में दिए गए आवेदन के मुताबिक, बस का परमिट जांचने के दौरान DTO ने MVI शुभम लाल सिंह को बस के अंदर जाकर जांच करने के लिए कहा था। आरोप है कि जैसे ही जांच शुरू हुई, बस में मौजूद कुछ यात्रियों ने टीम को रोकना शुरू कर दिया और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इसी बीच चालक, सहचालक और आसपास मौजूद कुछ स्थानीय लोग भी वहां पहुंच गए, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।

DTO संतोष कुमार का आरोप है कि बस चालक और सहचालक के साथ कुछ यात्रियों तथा स्थानीय लोगों ने मिलकर उनकी टीम पर हमला कर दिया। आवेदन में कहा गया है कि MVI शुभम लाल सिंह के सिर पर किसी कड़ी वस्तु से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी। वहीं, संतोष कुमार पर भी हमला हुआ, जिसमें उनका चश्मा टूट गया और कपड़े फट गए। टीम के दो अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने किसी तरह गाड़ी में बैठकर अपनी जान बचाई।
DTO ने घटना के दौरान एक स्थानीय राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति और कुछ दुकानदारों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। बताया जा रहा है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही बस चालक वाहन लेकर वहां से निकल गया था।
बस चालक और मालिक का नाम आवेदन में, CCTV फुटेज से खुलेगा मामला
DTO की ओर से डुमरी थाना में दिए गए लिखित आवेदन में बस चालक वरुण और वाहन मालिक तंजीमा नाग का नाम दर्ज है। आवेदन में वाहन मालिक और चालक के मोबाइल नंबर तथा चालक के ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण भी दिया गया है। अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि सरकारी काम में बाधा डालने के साथ उनकी टीम पर जानलेवा हमला करने की नीयत से मारपीट की गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पूरी घटना कुलगो टोल प्लाजा के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई होगी। DTO संतोष कुमार ने पुलिस से फुटेज की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, डुमरी पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस की जांच में यह साफ होगा कि विवाद कैसे शुरू हुआ, मारपीट में कौन-कौन शामिल था और घटना के दौरान किसकी क्या भूमिका रही।


