
Ranchi: झारखंड HC के कामकाज और न्यायपालिका की साख को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की जा रही आपत्तिजनक और भ्रामक टिप्पणियों पर एडवोकेट्स एसोसिएशन झारखंड HC ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। एसोसिएशन ने ऐसी तमाम पोस्ट्स की कड़ी निंदा करते हुए इसे कोर्ट की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया है।

बिना फैक्ट्स और सोर्स की पोस्ट्स से साख गिराने की कोशिश
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी नवीन कुमार ने साफ कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर HC के कामकाज को लेकर अपमानजनक और कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट (अदालत की अवमानना) की श्रेणी में आने वाली बातें लिख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटरनेट पर सर्कुलेट हो रही ऐसी पोस्ट्स किसी भी तरह के वेरिफाइड फैक्ट्स या सबूतों पर आधारित नहीं हैं। इनमें मनगढ़ंत, बिना सोर्स और बेबुनियाद बातों का इस्तेमाल कर न्यायपालिका की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

न्याय प्रक्रिया में दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं
एसोसिएशन का मानना है कि इस तरह की हरकतें अदालत की बदनामी करने के साथ-साथ न्याय प्रशासन (एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ जस्टिस) के काम में रुकावट डालने का प्रयास हो सकती हैं। कानून के दायरे से बाहर जाकर इस तरह के नैरेटिव सेट करना पूरी तरह गलत है।
तुरंत पोस्ट डिलीट करने की अपील
एसोसिएशन ने संबंधित लोगों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए अपील की है कि वे ऐसी विवादित पोस्ट्स को तुरंत सोशल मीडिया से हटाएं और कोर्ट की गरिमा से खिलवाड़ करने वाली किसी भी गतिविधि से दूर रहें, नहीं तो कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।


