
Ranchi: राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत राजाउलातू में झारखंड राय यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र मनीष कुमार का शव बुधवार को उसके किराए के कमरे में फंदे से लटकता मिला। मृतक हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित पेटो गांव निवासी हुसैनी साव का बेटा था। घटना की सूचना मिलते ही नामकुम पुलिस मौके पर पहुंची और प्लास्टिक की रस्सी के सहारे पंखे से लटक रहे शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए RIMS भेज दिया। पुलिस के अनुसार शव पूरी तरह काला पड़ चुका था और कमरे से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि छात्र की मौत तीन से चार दिन पहले ही हो चुकी थी। मनीष यूनिवर्सिटी में माइनिंग इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष का छात्र था और दोस्तों के अनुसार वह सोमवार से कॉलेज नहीं आ रहा था, जबकि परिजनों से उसकी आखिरी बातचीत 10 अक्टूबर को हुई थी।

जमीन से सटे थे पैर, परिजनों ने मकान मालिक पर लगाया मर्डर का आरोप
छात्र की मौत के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए सीधे मकान मालिक मिथिलेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जब शव फंदे से लटका मिला तो छात्र के पैर जमीन से पूरी तरह सटे हुए थे, ऐसे में यह आत्महत्या का मामला नहीं हो सकता। परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने मकान मालिक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ में मकान मालिक ने बताया कि वह हटिया में रहते हैं और कभी-कभार ही मकान की देखरेख करने आते हैं। उन्होंने बताया कि मनीष पिछले दो महीने से उनके यहां किराए पर रह रहा था। मंगलवार शाम जब वह मकान पहुंचे और दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, जिस पर उन्हें लगा कि मनीष सो रहा होगा और वह वापस लौट गए। इसके बाद बुधवार सुबह जब कमरे से असहनीय दुर्गंध आने लगी, तब उन्होंने तुरंत पुलिस और परिजनों को इसकी जानकारी दी।

मोबाइल जब्त कर कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
नामकुम थाना प्रभारी रामनारायण सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से तफ्तीश कर रही है। मृतक छात्र के दोस्तों, सहपाठियों और मकान मालिक से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी। परिजनों की ओर से मिलने वाले लिखित आवेदन के आधार पर FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


