
Jharkhand news: लंबित वेतन के भुगतान और बर्खास्त कर्मचारियों की सेवा में वापसी समेत कई अहम मांगों को लेकर झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों का चरणबद्ध आंदोलन तेज हो गया है। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर बुधवार को राज्य के सभी 24 जिलों में कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय से लेकर DC कार्यालय तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार और संबंधित एजेंसी ने समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं किया, तो 16 अक्टूबर को पूरे राज्य में एकदिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी।

15 अक्टूबर की रात से 17 की सुबह तक बाधित रहेगी आपातकालीन सेवा
संघ की ओर से जारी अल्टीमेटम के मुताबिक 15 अक्टूबर की रात 8 बजे से लेकर 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक पूरे प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा पूरी तरह बाधित रखी जाएगी। यानी करीब 36 घंटे तक राज्यभर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं। संघ के प्रदेश महामंत्री सह रांची जिला अध्यक्ष सूरज साहू ने बताया कि कर्मचारियों को जुलाई महीने से अब तक वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने परिवार चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

मनमानी सैलरी कटौती और खटारा गाड़ियों से परेशान हैं कर्मी
आंदोलनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा मनमाने तरीके से उनके वेतन में कटौती की जा रही है और कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा एंबुलेंसों की समय पर मरम्मत और मेंटेनेंस न होने से मरीजों को ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि बिना वजह सेवा से हटाए गए पुराने कर्मियों को जब तक बहाल नहीं किया जाता और बकाये वेतन का एकमुश्त भुगतान नहीं होता, तब तक उनका यह आंदोलन आर-पार की लड़ाई में बदलेगा।


