
पटना: बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 15 अक्टूबर 2026 को निगरानी की अलग-अलग टीमों ने पटना, छपरा और कटिहार के साथ पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित कुल चार ठिकानों पर तलाशी शुरू की। जांच के दौरान उनकी पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर दार्जिलिंग क्षेत्र में 92 डिसमिल जमीन होने की जानकारी सामने आई है। निगरानी के अनुसार, यह जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित है और इसका बाजार मूल्य करोड़ों रुपये होने की जानकारी मिली है।

निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। छापेमारी के दौरान पटना और कटिहार स्थित आवासों से नकदी तथा कटिहार से सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। मामले में संपत्ति के स्रोत और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है।

1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 121/2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी 13 अक्टूबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) और 13(1)(b) के तहत दर्ज की गई।
उन पर लगभग 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसी मामले के अनुसंधान के तहत निगरानी की टीमों ने एक साथ चार स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया।
पटना, छपरा, कटिहार और दार्जिलिंग में छापेमारी
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, चंद्रशेखर सिंह से संबंधित इन चार ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है:
- छपरा: ग्रामीण कार्य विभाग स्थित उनका कार्यालय।
- पटना: सरयुग वमिका अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 103।
- कटिहार: नगर के लोहिया नगर स्थित आवासीय मकान।
- पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग जिले के फनसीदेवा थाना क्षेत्र स्थित ठिकाना।
अलग-अलग टीमें इन स्थानों पर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।
पत्नी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन का पता चला
निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, तलाशी के दौरान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फनसीदेवा थाना क्षेत्र में चंद्रशेखर सिंह की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर खरीदी गई जमीन की जानकारी मिली है।
ब्यूरो के अनुसार, यह जमीन वर्ष 2021 में खरीदी गई थी। इसका कुल रकबा 92 डिसमिल यानी लगभग 31 कट्ठा बताया गया है। जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक स्थित है और इसका बाजार मूल्य करोड़ों रुपये होने की जानकारी मिली है।
जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि इस जमीन का उल्लेख चंद्रशेखर सिंह की ओर से विभाग को सौंपी गई वर्ष 2025-26 की परिसंपत्ति विवरणी में नहीं मिला है। इस कारण संपत्ति के विवरण और उसके वित्तीय स्रोत की जांच की जा रही है।
पटना से 3 लाख और कटिहार से 2 लाख रुपये नकद बरामद
छापेमारी के दौरान अब तक मिली जानकारी के अनुसार, पटना स्थित आवास से करीब 3 लाख रुपये नकद और कटिहार स्थित आवास से करीब 2 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।
इसके अलावा, कटिहार स्थित आवास से लगभग 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी मिलने की जानकारी दी गई है। निगरानी टीम इन बरामद वस्तुओं से संबंधित जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।
जमीन की खरीद और संपत्ति के स्रोत की जांच जारी
निगरानी ब्यूरो अब दार्जिलिंग क्षेत्र में मिली जमीन के खरीद संबंधी दस्तावेजों, खरीद मूल्य, वर्तमान बाजार मूल्य और धन के स्रोत की जांच कर रहा है। साथ ही, परिसंपत्ति विवरणी में जमीन का उल्लेख नहीं किए जाने के कारणों का भी सत्यापन किया जा रहा है।
बरामद नकदी और आभूषणों के संबंध में भी आवश्यक जांच की जा रही है। निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, चारों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई अभी जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामदगी और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
(सुनील सिंह की रिपोर्ट)


