
Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आंदोलन अब काफी तेज हो गया है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के छठे दिन प्रदर्शनकारियों ने अपना रुख कड़ा करते हुए प्लांट के गेट नंबर 9 और 10 को पूरी तरह जाम कर दिया। गेट बंद होने की वजह से प्लांट में कच्चा माल लेकर आने और तैयार उत्पाद लेकर बाहर जाने वाले भारी वाहनों का आवागमन ठप पड़ गया है। दोनों प्रमुख गेटों के बाहर सैकड़ों ट्रकों और कमर्शियल गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है।

भूख हड़ताल से चक्का जाम तक पहुंचा मामला
विस्थापित अप्रेंटिस संघ से जुड़े युवा पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनका आरोप है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसी अनदेखी के विरोध में आंदोलनकारियों ने गुरुवार सुबह से ही गेट नंबर 9 और 10 के ठीक सामने डेरा डाल दिया और गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी।

चतुर्थ वर्गीय पदों पर बहाली की मांग
प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों का कहना है कि प्लांट के निर्माण के समय उनकी जमीनें ली गई थीं, लेकिन वादों के मुताबिक स्थानीय विस्थापितों को रोजगार नहीं मिला। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि प्लांट में खाली पड़े चतुर्थ वर्गीय (ग्रुप डी) पदों पर तुरंत बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए और अप्रेंटिस पूरा कर चुके विस्थापित युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नियोजन दिया जाए।
बातचीत नहीं हुई तो बाकी गेट भी होंगे बंद
गेट पर डटे युवाओं ने प्रबंधन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आज ही प्रबंधन की तरफ से वार्ता की कोई ठोस पहल नहीं होती, तो कल से आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा। आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि शुक्रवार से प्लांट के बाकी सभी गेटों को भी जाम कर दिया जाएगा, जिससे प्लांट का कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है। युवाओं ने स्पष्ट किया कि टकराव की स्थिति बनने पर इसकी पूरी जवाबदेही प्रबंधन की होगी।


