
Jamtara: नगर पंचायत जामताड़ा के सफाई कर्मियों के सब्र का बांध गुरुवार को टूट गया। पिछले चार महीने से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों का गुस्सा अचानक सड़कों पर फूट पड़ा। आर्थिक तंगी से बेहाल और आक्रोशित सफाई कर्मियों ने विरोध का आक्रामक तरीका अपनाते हुए सड़क किनारे जमा कचरे को उठाकर मुख्य सड़कों पर फेंकना शुरू कर दिया। कर्मचारियों का साफ कहना है कि कई महीनों से मेहनत करने के बावजूद उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है।

सुभाष चौक से लेकर स्टेशन रोड तक फैला कूड़ा, राहगीर और दुकानदार बेहाल
सफाई कर्मियों के इस आक्रोशित कदम से शहर के मुख्य मार्ग पूरी तरह कचरे के ढेर में तब्दील हो गए। आंदोलनकारी कर्मियों ने शहर के सुभाष चौक से लेकर टावर चौक, मुख्य बाजार होते हुए इंदिरा चौक और स्टेशन रोड तक हर जगह कूड़ा फैला दिया। सड़कों पर फैले कचरे और उठती भीषण दुर्गंध के कारण राहगीरों का पैदल चलना तक दूभर हो गया है। इसके अलावा सड़क किनारे दुकान लगाने वाले व्यापारियों और आम दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्वच्छता अभियान पर लगा पलीता, नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी
सफाई कर्मियों द्वारा मुख्य मार्गों पर कचरा फैलाए जाने के बाद पूरे शहर की सूरत बिगड़ गई है और चारों तरफ गंदगी का अंबार दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के कारण स्वच्छ भारत अभियान की पूरी तरह धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। त्योहारों के मौसम में वेतन न मिलने से उपजे इस गतिरोध ने आम नागरिकों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन कब तक इन सफाई कर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान कर स्थिति को सामान्य बनाता है।


