
Dhanbad : धनबाद के मणियाडीह में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में जवाबी कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लगने से घायल कुख्यात अपराधी शंकर डे उर्फ प्रशांत डे का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस कस्टडी में इलाज के दौरान की गई कड़ी पूछताछ में शंकर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कबूल किया है कि उसका आपराधिक नेटवर्क सिर्फ झारखंड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उसने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया है। इस खुलासे के बाद पुलिस उसके इंटर-स्टेट नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।

दुर्गापुर का रहने वाला है शातिर अपराधी
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि एनकाउंटर में घायल शंकर डे मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित सुभाषपल्ली का रहने वाला है। वह झारखंड और आसपास के राज्यों में आकर वारदातों को अंजाम देता था और फिर दूसरे राज्यों में छिप जाता था।

टुंडी CSP संचालक से 78,750 रुपये की लूट कबूली
पूछताछ में शंकर ने टुंडी थाना क्षेत्र के कमारडीह में हुई बैंक सीएसपी (CSP) लूट कांड में अपनी सीधी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उसने बताया कि 13 अप्रैल की दोपहर वह अपने दो साथियों के साथ कमारडीह स्थित CSP संचालक सुनील मुर्मू के सेंटर में हथियार (पिस्तौल) लहराते हुए घुसा था। वहां मौजूद लोगों को बंधक बनाकर उसने 78,750 रुपये नकद लूट लिए थे और फरार हो गया था।
साथियों के नाम उजागर, एक पहले ही जा चुका है जेल
शंकर के बयानों से इस लूट में शामिल उसके सहयोगियों का भी पर्दाफाश हुआ है। वारदात में केंदुआडीह के खरिकाबाद निवासी राम प्रताप प्रसाद और एक अन्य अपराधी शामिल था। पुलिस के अनुसार, इस केस से जुड़े तीसरे आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
तीन राज्यों में कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
शंकर द्वारा झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूलने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। धनबाद पुलिस अब यूपी और बंगाल की पुलिस से संपर्क कर उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और वांटेड मामलों का ब्योरा जुटा रही है। साथ ही, उसके सिंडिकेट से जुड़े बाकी गुर्गों और पनाहगारों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है।


