
Jharkhand politics: शिल्पी नेहा तिर्की ने अपने पिता बंधु तिर्की से मुलाकात कर उन्हें जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस खास मौके पर उन्होंने अपने पिता के लंबे राजनीतिक संघर्ष, समाज सेवा और आम जनता के अधिकारों के लिए उनके अनवरत प्रयासों को शिद्दत से याद किया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उन्होंने अपने पिता को जनता के बीच रहकर सेवा करते और वंचित, शोषित तथा जरूरतमंद तबके की आवाज उठाते देखा है। उनके मुताबिक बंधु तिर्की का जीवन सिर्फ एक व्यक्ति के संघर्ष की दास्तान नहीं है, बल्कि यह समाज के कमजोर तबके के मान-सम्मान और हक की लड़ाई लड़ने के लिए हर किसी को निरंतर प्रेरित करता है।

पिता से मिली सीख अनमोल विरासत, पद नहीं जनता की सेवा ही राजनीति
शिल्पी नेहा तिर्की ने भावुक होते हुए कहा कि एक बेटी के तौर पर पिता के संघर्षों को इतने करीब से देखना, उनसे हर कदम पर सीखना और उनके जनसरोकारी विचारों को आत्मसात करना उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। पिता से मिला यह मार्गदर्शन उनके लिए किसी अनमोल विरासत से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने ही उन्हें यह बुनियादी पाठ पढ़ाया है कि राजनीति का मतलब महज पद, ओहदा या प्रतिष्ठा हासिल करना नहीं होता, बल्कि राजनीति का असली मकसद जनता के हर सुख-दुख में मजबूती से खड़े रहना और उनके वाजिब हक के लिए लगातार जूझना है। उन्होंने पिता के प्रति गहरा आदर जताते हुए कहा कि उनके विचार, संघर्ष और जनसेवा का जज्बा हमेशा उनके लिए सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।


