
Dhanbad cyber crime: धनबाद जिले में साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में 17 पुलिस अफसरों और 80 महिला-पुरुष जवानों की स्पेशल टीम ने टुंडी थाना क्षेत्र के भालपहाड़ी गांव में सघन छापेमारी कर पांच अंतरजिला साइबर अपराधियों को दबोच लिया।

भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और बैंकिंग दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों के ठिकाने से 3 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन जिसमें 4 प्रीमियम आईफोन शामिल हैं, 16 एटीएम कार्ड, 23 बैंक पासबुक और 10 चेकबुक समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। इतनी बड़ी तादाद में एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक मिलने के बाद पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह फर्जी बैंक खातों के जरिए बड़े स्तर पर ठगी की रकम इधर-उधर कर रहा था।

सीक्रेट इनपुट पर भालपहाड़ी में रेड
पुलिस को 14 अक्टूबर को पक्की गुप्त सूचना मिली थी कि टुंडी के भालपहाड़ी गांव में साइबर अपराधियों का एक गिरोह जुटा हुआ है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही 97 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने पूरे गांव की घेराबंदी की और मौके से पांचों आरोपितों को धर दबोचा।
तीन जिलों से जुड़े हैं गिरफ्तार आरोपी
पकड़े गए आरोपियों में स्थानीय ठगों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के शातिर भी शामिल हैं। इनमें भालपहाड़ी टुंडी के राजू कुमार मंडल, अजीत कुमार मंडल और उत्तम कुमार मंडल के अलावा देवघर जिले के मरगोमुंडा थाना क्षेत्र के गगनपुर निवासी दिलीप कुमार मंडल और कोडरमा जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र के पूर्णाडीह निवासी उमेश कुमार राणा शामिल हैं।
पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी टीम
धनबाद पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने के साथ-साथ जब्त मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों के डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में अब तक कितने रुपयों का लेन-देन हुआ है और इस गिरोह के तार जामताड़ा, देवघर या अन्य राज्यों के बड़े साइबर सिंडिकेट्स से किस तरह जुड़े हुए हैं।


