
JPSC-JSSC Case: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित अनियमितता मामले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा देवी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर रांची स्थित CID की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सोमवार को हुई इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान CID की ओर से मामले से संबंधित केस डायरी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई।

बचाव पक्ष और CID के बीच हुई बहस
अदालत में सुनवाई के दौरान CID के विशेष लोक अभियोजक और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। बचाव पक्ष ने आरोपियों को राहत देने की मांग की, जबकि CID की ओर से केस डायरी के तथ्यों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया गया। दोनों पक्षों की प्रारंभिक बहस सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद विशेष अदालत ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित कर दी है।

अगस्त में गिरफ्तार हुए थे पत्नी और भाई
उल्लेखनीय है कि जांच एजेंसी CID ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए अगस्त महीने में सुषमा देवी और अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं, इस पूरे भर्ती घोटाले के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे अभय तिवारी को CID ने जुलाई महीने में ही गिरफ्तार कर लिया था।
कांड संख्या 1/2025 के तहत जांच जारी
JSSC-CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई कथित अनियमितता और पेपर लीक के आरोपों को लेकर दर्ज कांड संख्या 1/2025 के तहत CID गहन अनुसंधान कर रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी अभय तिवारी समेत उसके पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया है, जिसके तहत उसके परिवार के इन दोनों सदस्यों को भी साजिश और सहयोग के आरोप में न्यायिक हिरासत में रखा गया है।


