
बिहार की राजनीति में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार मोकामा विधायक अनंत सिंह के गृह क्षेत्र बाढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने एनडीए के पटना स्नातक प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में सभा को संबोधित किया और मतदाताओं से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों को याद करते हुए वोट देने की अपील की। कार्यक्रम में कई एनडीए नेता मौजूद रहे, जबकि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के करीबी माने जाने वाले कुछ स्थानीय नेताओं के मंच से दूरी बनाए रखने की चर्चा रही।

नीतीश कुमार की कर्मस्थली बताया बाढ़
सभा को संबोधित करते हुए निशांत कुमार ने बाढ़ को अपने पिता नीतीश कुमार की कर्मस्थली बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। निशांत ने स्नातक मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान करते समय नीतीश कुमार के विकास कार्यों को ध्यान में रखें।

इस कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, लेसी सिंह, पूर्व सांसद आनंद मोहन, बाढ़ के पूर्व विधायक और स्थानीय विधायक समेत कई एनडीए नेता मौजूद रहे। नेताओं ने नीरज कुमार के समर्थन में माहौल बनाने और मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की।
नीरज कुमार बोले- हम डरने वाले नहीं, अड़ने वाले हैं
सभा के दौरान एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार ने आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “हम डरने वाले नहीं, अड़ने वाले हैं।” उन्होंने नीतीश कुमार पर हमला करने वालों को जवाब देने की बात भी कही।
नीरज कुमार ने बाढ़ में हुई हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों को न्याय मिलना चाहिए और मां भगवती इंसाफ करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।
पहली बार बाढ़ में जनता को संबोधित करने पहुंचे निशांत
निशांत कुमार पहली बार अपने पिता नीतीश कुमार के राजनीतिक कर्मक्षेत्र माने जाने वाले बाढ़ विधानसभा क्षेत्र में जनता को संबोधित कर रहे थे। उनके दौरे को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव प्रचार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
वहीं, नीरज कुमार सुबह मोकामा में समर्थकों से मुलाकात करते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ बाढ़ के लिए रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने मोकामा थाना चौक स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और स्थानीय लोगों से मिलकर जनसंपर्क अभियान शुरू किया।
मंच पर ललन सिंह के करीबी नेताओं की गैरमौजूदगी चर्चा में
सभा के दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के करीबी माने जाने वाले कई स्थानीय नेताओं के मंच पर नजर नहीं आने की चर्चा रही। हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। ऐसे में इसे किसी राजनीतिक मतभेद का संकेत मानना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
(रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट)


