
Naxatra Digital Desk: रक्षा बंधन के पावन पर्व पर गढ़वा स्थित आरकेसीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की छात्राओं ने जब अपनी नन्हीं उंगलियों से सजाकर हस्तनिर्मित राखियां मुख्यमंत्री को भेजी थीं, तो शायद उन्होंने सोचा भी नहीं था कि राज्य के मुखिया का स्नेह भरा जवाब सीधे उनके पते पर पहुंचेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने न केवल छात्राओं के इस प्रेम को सहर्ष स्वीकार किया, बल्कि खुद अपने हस्ताक्षर से एक आत्मीय पत्र भेजकर उन बेटियों के विश्वास और हौसले को नई उड़ान दे दी है।

हाथ से बनी राखी और मुख्यमंत्री का भावुक जवाब
कक्षा की मेज पर बैठकर काजल कुमारी और महालक्ष्मी केशरी ने बड़े चाव से धागों और मोतियों को पिरोकर हस्तनिर्मित राखियां तैयार की थीं। इन राखियों के मुख्यमंत्री तक पहुंचते ही राज्य के मुखिया ने फौरन पत्र लिखकर छात्राओं के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि रक्षा बंधन भाई और बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और निश्छल स्नेह का पावन पर्व है। उन्होंने लिखा कि आपकी भेजी हुई राखी मुझ तक पहुंच गई है और आपका यह आत्मीय स्नेह व अपनापन पाकर मुझे दिल से बहुत खुशी हुई। इसके लिए हृदय से धन्यवाद। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए लिखा कि आप और आपका पूरा परिवार हमेशा सुखी, स्वस्थ और प्रसन्न रहे।

विद्यालय में खुशी की लहर, प्राचार्या ने जताया आभार
मुख्यमंत्री का पत्र जैसे ही विद्यालय पहुंचा, पूरे स्कूल परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस आत्मीय पहल पर विद्यालय की प्राचार्या ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सूबे के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा सरकारी स्कूल की छात्राओं के इस छोटे से प्रयास को इतना बड़ा सम्मान देना पूरे विद्यालय और गढ़वा जिले के लिए बेहद प्रेरणादायी है।
बेटियों के सपनों को मिलेगी नई ताकत
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह व्यक्तिगत जुड़ाव छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। अपने पत्र के जरिए दिया गया यह संदेश न केवल काजल और महालक्ष्मी, बल्कि स्कूल की तमाम छात्राओं को अपनी पढ़ाई और जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।


