
Ranchi: पश्चिम सिंहभूम के मनोहरपुर में खाकी के साथ मिलकर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने वाले पूर्व विशेष पुलिस अधिकारी यानी SPO गणेश सिंह आज न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने मनोहरपुर के थाना प्रभारी अमीमुल एक्का पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य के शीर्ष अधिकारियों के सामने गुहार लगाई है। गणेश सिंह ने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और सीआईडी के ADG को लिखित पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की है।

अवैध वसूली और निजी बैंक खाते में रकम लेने के आरोप
गणेश सिंह ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर थाना प्रभारी पर अवैध वसूली, तस्करी को बढ़ावा देने और निजी बैंक खातों में लेन-देन कराने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर नक्सलियों से लड़ना तो आसान था, लेकिन सिस्टम में बैठे भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ आवाज उठाकर इंसाफ पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। उन्होंने अफसरों से अपील की है कि इन तमाम आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने और जान का सता रहा डर
पूर्व एसपीओ ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आवाज उठाने के बाद से उन्हें लगातार यह डर सता रहा है कि उन्हें किसी भी वक्त झूठे और फर्जी मुकदमे में फंसाया जा सकता है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जो शख्स कभी जंगलों में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल रहता था, आज वही अपनी जान बचाने के लिए आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।
जांच से ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद महकमे में हलचल मची हुई है। पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता और साख को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि इस तरह के गंभीर आरोपों को कतई नजरअंदाज न किया जाए। अगर इन आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई है तो जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, और अगर आरोप बेबुनियाद हैं तो भी निष्पक्ष जांच के जरिए हकीकत सबके सामने आनी चाहिए।


