
Ramgarh: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी दिवंगत माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के सिलसिले में इन दिनों अपने पैतृक गांव नेमरा में मौजूद हैं। यहां एक तरफ उनकी दिवंगत माता को श्रद्धांजलि देने के लिए परिचितों, शुभचिंतकों और आम लोगों के पहुंचने का सिलसिला लगातार बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय और दूर-दराज से आए लोग अपनी समस्याओं व शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर भी पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री इस शोक के माहौल में भी सीधे आम जनता से रूबरू हो रहे हैं।

खुद एक-एक फरियादी की बात सुन रहे मुख्यमंत्री
नेमरा पहुंच रहे लोगों में अपनी समस्याओं के निराकरण को लेकर भारी उम्मीद देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लोगों से बारी-बारी मिलकर उनकी परेशानियां ध्यानपूर्वक सुन रहे हैं। ग्रामीण और फरियादी अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंप रहे हैं। कई लोग अपनी पीड़ा बताते हुए न्याय और मदद की गुहार लगा रहे हैं, जिसे मुख्यमंत्री पूरी संवेदनशीलता के साथ समझ रहे हैं।

मौके पर ही आवेदन स्वीकार कर अफसरों को निर्देश
फरियादियों की बातें सुनने के साथ-साथ मुख्यमंत्री उनके द्वारा दिए गए आवेदनों को खुद स्वीकार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, विभिन्न मामलों में उठाए गए मुद्दों और शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए वे संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत जरूरी दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि जनता की समस्याओं को किसी भी सूरत में लंबित न रखा जाए और नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई की जाए।
लोगों में जगी त्वरित समाधान की उम्मीद
नेमरा में शोक और श्रद्धांजलि के बीच सीएम के इस संवेदनशील रुख से आम नागरिकों में अपनी समस्याओं के हल होने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और मौके पर ही अधिकारियों को दिए जा रहे निर्देशों का असर भी धरातल पर दिखने लगा है, जिससे कई मामलों का त्वरित निष्पादन शुरू हो गया है। गांव में लगातार लोगों के आने-जाने और मुख्यमंत्री के जनसंवाद का यह सिलसिला लगातार जारी है।


